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दलितों में जगाया भगवा प्रेम

Sat, 21 Jan 2017 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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bjp , jhansi news - फोटो : amar ujala, jhansi news
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शुक्रवार को मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित भाजपा के स्वाभिमान सम्मेलन में दलितों को रिझाने की कोशिश की गई। वक्ताओं ने बाबा साहब और दलित महापुरुषों का नाम लेकर बताने का प्रयास किया कि भाजपा दलितों का बहुत सम्मान करती है। साथ ही सपा-कांग्रेस के गठबंधन को ‘नापाक’ बताया और बसपा पर तीखे हमले किए। विधानसभा चुनाव के मौके पर इस सम्मेलन को भाजपा महत्वपूर्ण मान रही है।
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सम्मेलन में मुख्य अतिथि भाजपा अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद विनोद सोनकर ने कहा कि बसपा ने दलितों के अलावा वोट बैंक बढ़ाने के लिए सवर्ण जातियों को जोड़कर सोशल इंजीनियरिंग का जो प्लान तैयार किया था, वो 2014 के लोकसभा चुनाव में फेल हो चुका है। सपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बूढ़े बाप की बेटा नहीं सुन रहा है। मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जय बोेलने में सबसे ज्यादा तकलीफ मायावती को होती है।
सम्मेलन में अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर ने कहा कि बीजेपी ने मायावती को तीन बार समर्थन देकर सिर्फ इसलिए मुख्यमंत्री बनाया था कि दलित मजबूत होंगे। लेकिन मायावती ने कभी दलितों को आगे नहीं बढ़ने दिया। दलितों को अब नरेंद्र मोदी के रूप में बरगद का पेड़ मिल गया है।  सांसद भानु प्रताप वर्मा ने कहा कि यूपी में बीजेपी की सरकार बनने पर भ्रष्टाचार बंद हो जाएगा। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिवाकर सेठ, रामनरेश यादव और विधायक रवि शर्मा ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन शैलेंद्र शुक्ला ने किया। इस मौके पर महापौर किरण वर्मा, राजीव सिंह पारीछा, डॉ. धन्नूलाल गौतम, जिलाध्यक्ष संजय दुबे, राकेश रत्नाकर, विनोद नायक, अरिदमन सिंह, जयदेव पुरोहित, बिहारी लाल आर्य आदि मौजूद रहे।
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मायावती को चुनाव से पहले ही दलित याद आते हैं : सोनकर
भाजपा अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद सोनकर ने कहा कि मायावती को चुनाव से ठीक एक साल पहले दलितों का ध्यान आता है। पीएम मोदी ने जब से बाबा साहब के नाम से ‘भीम ऐप्प’ लांच किया है, तब से उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। मायावती इसको बाबा साहब का अपमान बता रही हैं। जबकि जीते जी खुद की मूर्ति बाबा साहब के बगल में लगाकर उनका अपमान किया है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि सपा फिर से सत्ता पाने के लिए कांग्रेस से गठबंधन कर रही है। इस चुनाव में अनुसूचित जातियां अहम भूमिका निभाएंगी।
खाली हो गईं कुर्सियां 
 सम्मेलन में मंडल के तीनों जनपदों से अनुसूचित जाति के कार्यकर्ताओं को बुलाया गया था। वक्ताओं की संख्या अधिक थी तो राष्ट्रीय अध्यक्ष अपना भाषण साढ़े तीन बजे शुरू कर सके। तब तक ज्यादातर कुर्सियां खाली हो चुकी थीं।
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