अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जिम्मेदार अफसरों की मिलीभगत से युवक महीनों झांसी मेडिकल कॉलेज और औरैया मेडिकल कॉलेज में नियमित हाजिरी दर्ज करके मानदेय लेता रहा। वह झांसी में आउटसोर्स पर डायलिसिस टेक्नीशियन व औरैया में संविदा पर डेमोस्ट्रेटर पद पर तैनात है। आरोप है कि इसकी उच्चाधिकारी, कॉलेजों के प्राचार्यों, दोनों जिलों के सीएमओ व विजिलेंस से शिकायत की गई मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आईजीआरएस पर शिकायत की तो बिना पक्ष सुने ही निस्तारित कर दिया। इस पर शिकायतकर्ता ने आपत्ति जताई है।
शिवाजी नगर निवासी दिनेश कुमार वर्मा ने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि अंकित कुमार मेडिकल कालेज झांसी में वर्ष 2019 से डायलिसिस टेक्नीशियन के पद पर आउटसोर्स पर कार्यरत था। कुछ समय बाद औरैया मेडिकल कॉलेज के बायोकेमिस्ट्री विभाग में संविदा पर डेमोस्ट्रेटर की भर्ती निकली। वहां भी नौकरी प्राप्त कर ली। वह एक साथ दोनों जगह नौकरी करने लगा। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सचिन माहुर का कहना है कि इस तरह की अभी तक कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है। यदि शिकायती पत्र आएगा तो निश्चित जांच करके दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।