संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। गोवर्धन परिक्रमा और मुड़िया मेले के लिए मथुरा जाने वाले यात्रियों को ट्रेन में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए रेल प्रशासन ने लंबी दूरी वाली चार ट्रेनों का मथुरा और आगरा में अस्थायी ठहराव दिया है। इन ट्रेनों के ठहराव से आगरा, ग्वालियर और झांसी के यात्रियों को सहूलियत मिलेगी।
मथुरा के गोवर्धन में मुड़िया मेला और गोवर्धन परिक्रमा के लिए आसपास के जिले से नहीं बल्कि अन्य प्रदेशों से भी लाखों भक्त पहुंच रहे हैं। यह मेला 12 जुलाई तक चलेगा। इसके लिए रेल प्रशासन ने पहले दो ट्रेनों का मथुरा और ग्वालियर तक विस्तार किया था। इनमें वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-आगरा कैंट पैसेंजर और निजामुद्दीन-आगरा कैंट पैसेंजर शामिल हैं। झांसी-आगरा कैंट पैसेंजर को मथुरा और निजामुद्दीन-आगरा कैंट पैसेंजर को ग्वालियर तक विस्तार दिया गया है। इसके बाद भी ट्रेनों में मारामारी कम नहीं हो सकी है। कई ट्रेनों का मथुरा स्टेशन पर ठहराव नहीं होने के कारण मथुरा से आने वाले श्रद्धालुओं को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यदि कोई ट्रेन रुक भी जाती तो उसमें क्षमता से ज्यादा यात्री सवार हो रहे थे। आरक्षित कोचों में भी लोग जबरन घुस रहे हैं।
इस समस्या को दूर करने के लिए रेलवे प्रशासन ने चार लंबी दूरी की ट्रेनों को अस्थायी ठहराव दिया है। ट्रेन (12652) निजामुद्दीन-मदुरै एक्सप्रेस को मथुरा स्टेशन पर 8 और 10 जुलाई को रुकेगी। यह ट्रेन सुबह 6:58 बजे मथुरा पहुंचकर 7:00 बजे गंतव्य को रवाना होगी। इसी ट्रेन को आठ और 10 जुलाई को मथुरा के बजाय आगरा कैंट पर ठहराव दिया है। यह ट्रेन आगरा कैंट पर सुबह 8:02 पर पहुंचकर 8:04 बजे रवाना होगी। ट्रेन (12708) निजामुद्दीन-तिरुपति को मथुरा एक्सप्रेस पर 9 और 11 जुलाई को सुबह 6:58 पहुंचेगी। इसी ट्रेन को 9 और 11 जुलाई को मथुरा के बजाय आगरा कैंट पर अस्थायी ठहराव दिया है। यह ट्रेन 8:02 बजे पहुंचकर 8:04 को रवाना होगी। ट्रेन (12642) निजामुद्दीन-कन्याकुमारी को 12 जुलाई को मथुरा जंक्शन सुबह 6:58 पहुंचकर 7:00 बजे रवाना होगी। ट्रेन (12650) निजामुद्दीन-यशवंतपुर मथुरा जंक्शन पर 8, 10 और 12 जुलाई को 9:46 पर पहुंचकर 9:48 पर रवाना तथा आगरा कैंट पर 10:20 पर पहुंचकर 10:22 बजे रवाना होगी। यह जानकारी रेलवे पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने दी।
इन ट्रेनों में रहती है कम भीड़
मथुरा और आगरा में अस्थायी ठहराव लेने वाली यह ट्रेनें निजामुद्दीन से चलकर सीधे वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रुकती हैं। यही कारण है कि साधारण कोच अधिकांश खाली रहते हैं। इससे श्रद्धालुओं को अपने गंतव्य तक पहुंचने में समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। वहीं अन्य प्रदेश के यात्री भी अपने स्थान पर पहुंचने के लिए इस ट्रेन में यात्रा कर सकते हैं। यही नहीं इस ट्रेन के आरक्षित कोच में सीट मिलने की संभावना अधिक रहती है।
रेलवे ने श्रद्धालुओं के लिए बदला नियम
इन लंबी दूरी वाली सुपरफास्ट ट्रेनों में साधारण टिकट लेकर यात्रा करने वालों के लिए 400 किमी तक की दूरी तय करने का टिकट होना चाहिए। लेकिन श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसके लिए अस्थायी ठहराव तक यह नियम लागू नहीं होगा। जबकि, इन ट्रेनों में साधारण टिकट लेकर 400 किमी से कम दूरी करने पर इनमें जुर्माने का प्रावधान है।