ट्रांसफार्मर मरम्मत के ठेकेदारी में रोड़ा बन रहे अवर अभियंता को ठेकेदार ने ही साथियों के संग रचे षड्यंत्र के तहत खाने में विषाक्त पदार्थ खिलाकर मार दिया। जांच में इसका खुलासा होने पर सीपरी बाजार पुलिस ने सोमवार को ठेकेदार समेत दो लोगों को मुन्नालाल पावर हाउस से गिरफ्तार कर लिया।
जिला सोनभद्र के विष्ढमगंज थानांतर्गत गांव महुली निवासी कन्हैयालाल जायसवाल ने सीपरी बाजार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका छोटा भाई कृष्ण कुमार जायसवाल मुन्नालाल पावर हाउस की ट्रांसफार्मर वर्कशाप में अवर अभियंता (जेई) के पद पर तैनात था। 11 नवंबर 2014 को अस्वस्थ होने पर वह शाम को सीपी मिशन कंपाउंड स्थित आवास पर चला गया। रात करीब आठ बजे टेक्नीशियन शाक्या और ट्रांसफार्मर मरम्मत का ठेकेदार मनीष कुलश्रेष्ठ निवासी नई बस्ती कोतवाली अपने साथी अंकुश खरे निवासी न्यू राय गंज सीपरी बाजार के साथ उसके कमरे पर पहुंचा। ठेकेदार ने अपने कर्मियों से षड्यंत्र के तहत खाना व दवाई मंगवाई। कुछ समय बाद जेई ने पत्नी स्वेता से फोन पर बात की और बताया कि उसके शरीर में खिंचाव हो रहा है। इसके कुछ समय बाद उन्हें उल्टी हुई तो ठेकेदार मनीष कुलश्रेष्ठ, उसके लोग गगन व अंकुश खरे टेक्नीशियन शाक्य उन्हें मेडिकल कालेज ले गए। सुबह 7.30 बजे जब स्वेता लखनऊ से चलकर मेडिकल कालेज आईं तो जेई को मृत पाया। डीएम के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जांच शुरू हुई। कार्यवाहक थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने बताया पड़ताल से खुलासा हुआ है कि जेई कृष्ण कुमार जायसवाल वर्कशाप में ट्रांसफार्मर की मरम्मत का ठेका लेने वाले मनीष कुलश्रेष्ठ की राह में बाधक बन रहे थे। उसके पास करीब 10 वर्ष से ठेका था और जब भी कोई जेई बाधक बना उसने स्थानांतरण करवा दिया। चूंकि वह कुछ माह पूर्व ही स्थानांतरण होकर आए थे, इसलिए अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पा रहा था। उसने षड्यंत्र के तहत जेई को खाने में विषाक्त पदार्थ खिला दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। बताया कि ठेकेदार व उसके साथी अंकुश खरे को सोमवार की दोपहर करीब पौने तीन बजे मुन्नालाल पावर हाउस से गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया।