पुलिस ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही बंदूक जब्त करके लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति भी की है।
कोतवाली के छनियापुरा निवासी हरीशंकर (45) की शनिवार को ममेरे भाई महेश की बेटी के गोद भराई समारोह के दौरान कोछाभांवर में हर्ष फायरिंग में गोली लगने से मौत हो गई थी। रविवार सुबह घटना में तब नया मोड़ आया जब हरीशंकर की पत्नी विनीता ने उसके दो ममेरे भाई और भतीजे पर गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाया। विनीता ने बताया कि शनिवार को कोछाभांवर में रात आठ बजे बांदा निवासी हरीबाबू और महेश के जीजा रोहित कुछ बात करने के लिए हरीशंकर को अपने साथ ले गए थे। समारोह स्थल के कोछाभांवर निवासी उसके ममेरे भाई प्रभुदयाल व अतर सिंह खड़े थे। अतर सिंह ने प्रभुदयाल से कहा कि इसे गोली मारकर जान से मार दो, बचने नहीं पाये। इस पर प्रभुदयाल ने हरीशंकर के गोली मार दी। गोली लगने से हरीशंकर लहूलुहान होकर गिर पड़े। उसके जेठ मुन्नालाल और अन्य लोग हरीशंकर को मेडिकल कालेज लेकर आए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
मुन्नालाल ने बताया कि उसके छोटे भाई हरीशंकर की जमीन दिगारा में पड़ी हुई है, जिसे बेचने के लिए प्रभुदयाल, अतर सिंह और भतीजा हरीश दबाव बना रहे थे। जमीन नहीं बेचने की रंजिश के चलते हत्या की गई है।
एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि विनीता की तहरीर पर प्रभुदयाल, अतर सिंह और हरीश के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बंदूक को जब्त करके लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की जा रही है।
शव को लेकर थाने पर की नारेबाजी
शाम तक रिपोर्ट दर्ज नहीं होने से गुस्साए परिजन पोस्टमार्टम होने के बाद हरीशंकर के शव को लेकर नवाबाद थाने पहुंच गए। लोगों ने थाना पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। मौके पर पहुंचे सीओ सिटी आलोक शर्मा के आश्वासन के बाद लोग लोग शव लेकर चले गए।