झांसी। ब्रांडेड कंपनियों के नाम से नकली शराब बेचने के मामले में फरार चल रहे दो लोगों पर पुलिस ने पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। इन दोनों की धरपकड़ के लिए शनिवार को पुलिस की चार टीमों ने करीब एक दर्जन स्थानों पर छापे मारे, मगर कोई सफलता नहीं मिली।
ज्ञातव्य हो कि शुक्रवार की सुबह पुलिस ने नवाबाद थानांतर्गत कंबल मिल स्थित एक मकान से दो करोड़ रुपये की नकली शराब, ओपी से भरे ड्रम, रैपर, खाली ढक्कन, बोतलें व होलोग्राम की रीलें बरामद की थीं। इस मामले में जेल चौराहा स्थित लाइसेंसी शराब की दुकान के संचालक महादेव प्रसाद शिवहरे, सफल राय और दीपक राय को गिरफ्तार कर लिया गया था,
जबकि मौका पाकर सरगना रवि राय पुत्र बाबूलाल राय निवासी कंबल मिल व हिम्मत शिवहरे पुत्र सरजू प्रसाद निवासी मिशन कंपाउंड सीपरी बाजार भागने में सफल रहे थे। गिरफ्तार अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि रवि राय ने इस धंधे को चलाने के लिए ही कंबल मिल में मकान बनवाया था। नकली शराब की कहां- कहां सप्लाई होती थी, इसकी जानकारी फरार दोनों लोगों को है।
एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे ने कहा कि जितने भी लोग नकली शराब के धंधे में शामिल होंगे, सभी को जेल भेजा जाएगा। चिह्नित शराब की दुकानों पर छापेमारी करके नकली शराब पकड़ी जाएगी।
अब दफा 60 नहीं, आईपीसी 272 में होगा चालान
एसएसपी ने थानेदारों से स्पष्ट रूप से कहा है कि अब यदि कच्ची शराब के साथ कोई पकड़ा जाए तो उसके खिलाफ दफा 60 के बजाए आईपीसी की धारा 272 (अपमिश्रण) में कार्रवाई की जाए। यदि अब दफा 60 में कार्रवाई हुई तो संबंधित थानेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
होलोग्रामों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा
एसएसपी ने बताया कि बरामद होलोग्राम हूबहू असली जैसे हैं, जिसकी वजह से आबकारी विभाग भी आसानी से अंतर पता नहीं कर पा रहा है। होलोग्राम को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। इसके बाद पता किया जाएगा कि नकली शराब माफियाओं को होलोग्राम कहां से मिल रहे हैं।
आबकारी विभाग की सेटिंग से बिक रही नकली शराब - एसएसपी
सर, नकली शराब आबकारी विभाग की सेटिंग से बिक रही है, जब तक अफसरों पर कार्रवाई नहीं होगी, शराब की तस्करी नहीं रुकने वाली। मंडलायुक्त सभागार में आयोजित मंडलीय अफसरों की बैठक में यह सनसनीखेज आरोप वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र दुबे ने लगाया तो वहां मौजूद सभी अधिकारी सन्न रह गए। उन्होंने आबकारी अधिकारियों की जमकर क्लास भी ली।
एसएसपी ने आबकारी कमिश्नर व जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेज दी है। उन्होंने पत्र में विभागीय अधिकारियों व कर्मियों की लापरवाही के मामले की जांच कराने की संस्तुति की है।
यूपी - एमपी की सीमा से होती तस्करी
यूपी में शराब के दाम पूरे देश में सबसे अधिक हैं, जबकि हरियाणा में सबसे कम हैं। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में शराब के दामों में दो से तीन गुने तक का अंतर है। अंग्रेजी शराब की जो पेटी उत्तर प्रदेश में 8160 रुपये में मिलती है, वहीं मध्यप्रदेश में 2800 रुपये में मिल जाती है। झांसी के कुछ शराब ठेकेदारों की दुकानें मध्यप्रदेश में भी हैं, जहां से वह माल लाकर यहां बेचते हैं।