झांसी। बेरोजगार को ठगने वाला गिरोह नगर में सक्रिय हो गया है। मंगलवार को शातिर बदमाशों ने नौकरी का झांसा देकर बीएससी फाइनल के छात्र से 40 हजार रुपये ठग लिए। ठगी इतनी शातिराना तरीके से की गई कि छात्र को तनिक भी शक नहीं हुआ। ठगों ने योजनाबद्ध तरीके से फीस के नाम पर बैंक में रुपये भी जमा करवाए। इस संबंध में नवाबाद थाना पुलिस को सूचना दी गई।
रानीपुर के मोहल्ला देवरी निवासी बरनाम सिंह का पुत्र नितेंद्र कुमार सकरार के दूधनाथ सर्वोदय महाविद्यालय में बीएससी फाइनल ईयर का छात्र है। नितेंद्र ने ऑन लाइन जॉब के लिए एप्लाई किया था। सोमवार को उसके मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाली युवती ने नितेंद्र को नौकरी के लिए इलाइट चौराहा पर बुलाया।
नितेंद्र के अनुसार मंगलवार की दोपहर करीब एक बजे वह इलाइट चौराहा पहुंचा। उसने सोमवार को मोबाइल पर आए फोन नंबर पर संपर्क किया। दूसरी तरफ से एक युवक ने फोन उठाया। युवक ने कहा कि नौकरी के लिए पहले वह बैंक ऑफ इंडिया में 1300 रुपये बतौर फीस जमा करा दे। युवक ने बैंक का खाता नंबर भी दिया।
खाता नंबर दिए जाने के कारण नितेंद्र को नौकरी मिलने का यकीन हो गया। उसने इलाइट चौराहा स्थित बैंक की शाखा में जाकर बताए गए खाते में रुपये जमा करवा दिए। रुपये जमा करने के कुछ बाद उसके पास दोबारा फोन आया। फोन करने वाले युवक ने कहा कि अब वह ग्रुप का सदस्य बन गया है। वह इलाइट चौराहा पर ही रुके, कुछ देर में उसके पास एक युवक पहुंच रहा है, वह नौकरी के लिए अपने साथ ले जाएगा। बातों में फंसा नितेंद्र इलाइट चौराहा पर रुक गया। बमुश्किल 10 मिनट बाद उसके पास एक युवक आया। युवक ने उसे बातों में लगाते हुए कहा कि कुछ देर में एक कंपनी की कार आ रही है। उसमें कंपनी की एक महिला कर्मी व मैनेजर हैं, वह उसे नौकरी दिलाने ले जाएंगे।
इस बीच उसने नितेंद्र से 40 हजार रुपये नकद देने को कहा। बातों में फंसे नितेंद्र ने अपने बैंक के खाते से रुपये निकालकर युवक को थमा दिए। रुपये लेकर युवक मौके से चला गया। देर तक जब कोई कार नहीं आई तो उसने युवक के फोन नंबर पर संपर्क किया। पहले तो युवक ने कुछ देर इंतजार करने को कहा, जब छात्र ने ठगे जाने की बात कही तो युवक ने गाली-गलौज करते हुए अभद्रता की। पीड़ित छात्र की सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।