स्कूली ऑटो और बसों में मानकों और नियमों को ताक पर रखकर बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अनेक ऑटो में न तो बच्चों के लिए जाली लगाई गई हैं और न ही मानक के अनुसार बच्चों को बैठाया जा रहा है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।
एटा में हादसे के दौरान 12 बच्चों की मौत के बाद हरकत में आए प्रशासन ने नियम विरुद्ध चल रहे स्कूली वाहनों के खिलाफ अभियान छेड़ा। यह अभियान सिर्फ दो दिन ही चल सका। इस दौरान 77 स्कूली वाहनों पर कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान आरटीओ विभाग ने 32 स्कूली बस संचालकों को भी नोटिस भेजा जिन्होंने समय बीतने के बाद भी फिटनेस प्रमाणपत्र का नवीनीकरण नहीं करवाया था। नोटिस के बाद 26 स्कूली बसों की फिटनेस का नवीनीकरण हो गया है। 6 बसों के मालिकों ने अभी तक फिटनेस प्रमाणपत्र का नवीनीकरण नहीं करवाया है। अधिकारियों ने बताया कि फिटनेस न करवाने वाले वाहन चेकिंग के दौरान पकड़े जाते हैं तो सीज कर दिए जाएंगे। जिले में 129 स्कूली बस और 69 मिनी बस परिवहन विभाग में पंजीकृत हैं।
ये हैं मानक
- स्कूली बस का रंग पीला होना चाहिए
- आगे और पीछे स्कूली वाहन लिखा होना जरूरी है
- वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स (चिकित्सा उपकरण) जरूरी है
- खिड़कियों में जाली और अग्निशमन यंत्र रखना जरूरी है
- बसों में स्कूल का नाम और टेलीफोन नंबर लिखा होना जरूरी है
- वाहन चालक को पांच साल वाहन चलाने का अनुभव हो
- वाहनों का इस्तेमाल सिर्फ बच्चों को लाने और पहुंचाने में हो
- स्कूली वाहनों में जीपीएस हो
सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार मानक पूरे
हमारे स्कूल की सभी बसों में सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार सभी मानक पूरे हैं। समय पर फिटनेस भी होती है। बच्चों की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ नहीं होगा।
रुचि शुक्ला, प्रधानाचार्य, आरएनएस वर्ल्ड स्कूल
करते हैं निगरानी
आरटीओ विभाग के संपर्क में रहते हैं और जो भी निर्देश होते हैं उनको पूरा किया जाता है। ऑटो से आने वाले छात्रों की सुरक्षा के लिए अभिभावकों के साथ बैठक करते रहते हैं। छुट्टी के समय बच्चों को ले जाने वाले ऑटो पर निगरानी भी करते हैं।
अशोक कुमार, प्रधानाचार्य रानी लक्ष्मीबाई पब्लिक स्कूल
चुनावी व्यस्तताओं के कारण चेकिंग नहीं हो पा रही थी। सुप्रीम कोर्ट के मानक के अनुसार न चलने वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ कार्रवाई होगी। स्कूली बस संचालकों ने नोटिस मिलने के बाद फिटनेस करवा ली है। जिन्होंने नहीं करवाई है उनकी बसें सड़क पर चलते पाए जाने पर सीज की जाएंगी।
आरके सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन