सरकारी काम से गरौठा की अदालत गया जिला जेल का एक कर्मचारी दो दिन लापता रहा। इससे जेल व पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। गुरुवार की देर रात वह लौटकर आया तब पुलिस ने राहत की सांस ली। लापता होने की वजह नहीं बता पाने पर जेल प्रशासन ने कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा है। मामले में जांच शुरू कर दी गई है, साथ ही उसके मोबाइल फोन की डिटेल भी निकलवाई जाएगी।
जेलर रविकांत सिंह ने गुरुवार को थाना नवाबाद में जेल कर्मी के गायब होने की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि कारागार में कार्यरत रामप्रकाश पुत्र नेत सिंह निवासी तिरौना थाना एट जिला जालौन को एक जुलाई को बंदी रामकुमार पुत्र रामदेव निवासी बहुआरा थाना बकरी जिला बेगुसराय बिहार का रिहाई आदेश लेकर संशोधन के लिए न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट गरौठा भेजा गया था। रामप्रकाश ने शाम करीब सात बजे जेल के संतरी (गेट कीपर) को फोन से अवगत कराया कि वह गुरसरांय पहुंच गया है। दो जुलाई की सुबह नौ बजे कोर्ट पहुंच जाएगा। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। उन्होंने बताया कि वह कोर्ट भी नहीं पहुंचा। इसके बाद थाना गरौठा, पूंछ व एरच पुलिस से संपर्क करके लापता जेल कर्मी की तलाश कराई मगर सुराग नहीं मिला। जिस पर उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया। कर्मचारी के परिजनों से संपर्क करने पर पता चला कि वह घर भी नहीं पहुंचा है।
गुरुवार देर रात कर्मचारी के जेल पहुचंने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली। पूछताछ करने पर वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए हैं। उसे तीन दिन के अंदर लापता होने के संबंध में स्पष्टीकरण देने को कहा है। जेल अधीक्षक ने बताया कि लापता कर्मी लौटकर आ गया है, मगर उसका गायब होना गंभीर मामला है। जिसकी वजह से जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।