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पुरानी यादें पुराने घर में खींच लाईं थीं लाड़कुंवारी को

Sat, 08 Jul 2017 12:46 AM IST
amarujala
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house - फोटो : demo
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झांसी।
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जिला अस्पताल के चिकित्सक डा. राजेंद्र सिंह की मां लाड़कुंवारी देवी (78) को उनकी पुरानी यादें पुराने घर में खींच लाईं थीं। पुत्र के सिविल लाइन स्थित आवास में उनका मन नहीं लगता था। उन्हें घनी बस्ती में चहल-पहल के बीच ही रहना पसंद था। यही वजह है कि वह पुत्र के घर कुछ समय रहकर वापस अपने पुराने घर लौट आईं थीं।
बुधवार को सैंयर गेट बाहर ओरछा गेट रोड पर स्थित डा. राजेंद्र सिंह के पुराने घर में उनकी मां की गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। बदमाश लूट के इरादे से घर में दाखिल हुए थे, विरोध करने और पहचाने जाने पर उन्होंने वृद्धा को गला रेतकर निर्ममता से मौत की नींद सुला दिया था। घटना के वक्त वह घर में अकेली थीं। दरअसल, डा. राजेंद्र सिंह का आवास सिविल लाइन में हैं। वह वहां परिवार समेत रहते हैं। जबकि, पुश्तैनी आवास सैंयर गेट बाहर है। सिविल लाइन वाले मकान में उनके साथ शुरुआत में मां भी रहा करती थीं। लेकिन, उनका वहां मन नहीं लगता था। उनकी यादें पुराने घर से जुड़ीं हुईं थीं। मुहल्ले की चहल-पहल उन्हें भाती थी, जिससे वह यहां रहने चली आईं थीं। पुत्री सुनीता ने बताया कि मां कहा करती थीं कि सिविल लाइन वाले मकान में दीवारें और पेड़ नजर आते हैं। आसपास बात करने वाला भी कोई नहीं होता, जिससे उनका मन नहीं बहलता। जबकि, पुराने मुहल्ले में देर रात तक चहल-पहल बनी रहती है। आसपास की महिलाओं से बातचीत भी होती रहती है, जिससे मन लग जाता है। यही वजह है कि वह अकेले यहां रहने चली आईं थीं। रुंधे गले से सुनीता ने कहा कि मां यदि भैया के परिवार के साथ रह रही होतीं, तो शायद उनकी जान नहीं जाती।  
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मंजर याद कर कांप जाती है रूह 
वृद्धा की हत्या का मुख्य आरोपी उनकी बेटी सुनीता के घर काम करने वाला नौकर प्रमोद रायकवार निकला। उसने अपने साथी अभिषेक के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था। इससे उनकी बेटी सुनीता गहरे सदमे में हैं। उन्होंने बताया कि प्रमोद उनके यहां ढाई साल से काम कर रहा था और वह विश्वसनीय था। वह भी अक्सर घर में अकेले रहती थीं और प्रमोद घर में काम करता रहता था। यह घटना वह उनके साथ भी घटित कर सकता था। उन्होंने कहा कि यह सोचकर उनकी रूह कांप जाती है। इस घटना के बाद से वह आसानी से किसी पर विश्वास नहीं कर पाएंगी। मां को मौत की नींद सुलाने वाले को फांसी की सजा होनी चाहिए।
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निर्ममता से दिया हत्याकांड को अंजाम 
पुलिस ने वृद्धा की हत्या का खुलासा कर दिया है। घटना में शामिल दो बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की फर्द में गला रेतकर हत्या के अलावा महज सौ रुपये की नकदी ले जाने भर का जिक्र है। लेकिन, बदमाश वृद्धा के कान के सोने के बाले भी ले गए थे। वृद्धा की हत्या करने के बाद एक बाला उन्होंने कान से उतारा था और दूसरा न खुलने पर उन्होंने निर्ममता से खींचकर निकाल लिया था, जिससे उनका कान भी कट गया था।
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