बुंविवि के एसोसिएट प्रोफेसर पर चार दिन पूर्व बुंदेलखंड विश्वविद्यालय चौकी के पास हुए हमले के मामले में पुलिस सुस्त है। पुलिस ने अब तक घटनास्थल का मुआयना भी नहीं किया है। यही नहीं, पुलिस का कहना है कि हमलावर शायद बाइक सवार थे, जबकि प्रोफेसर ने हमलावरों को फार्च्युनर सवार बताया था।
चार अगस्त को दिनदहाड़े सफेद रंग की फार्च्युनर सवारों ने पुलिस चौकी के पास बीयू के एसोसिएट प्रोफेसर डा. डा. सीबी सिंह को पीटा था। इसके बाद उनका लैपटॉप व स्कूटी लेकर फरार हो गए थे। हालांकि, कुछ समय बाद पुलिस ने कहा था कि स्कूटी व लैपटॉप विश्वविद्यालय के नजदीक पड़ा मिल गया है। दिनदहाड़े हुई इस तरह की घटना के बाद भी पुलिस सुस्त है।
पुलिस अभी तक न तो फार्च्युनर का पता कर सकी है और न घटनास्थल का मौका मुआयना किया है। चौकी इंचार्ज एमपी सिंह का कहना है कि घायल शिक्षक के ठीक होने के बाद पूछा जाएगा कि घटनास्थल कहां हैं, तब निरीक्षण कर कार्रवाई शुरू की जाएगी। उनका कहना है कि वारदात लूट की नहीं थी, क्योंकि सामान बरामद हो गया है। यही नहीं, एक चश्मदीद मिला है, जिसने बाइक सवारों द्वारा हमले की बात कही है। जबकि प्रोफेसर ने फार्च्युनर सवारों द्वारा हमले की जानकारी दी है।
थाना प्रभारी रामभजन सिंह यादव का कहना है कि शिक्षक के साथ मारपीट फार्च्युनर सवारों ने नहीं की है। एसोसिएट प्रोफेसर के आगे एक बाइक चल रही थी, जिस पर सवार युवकों ने हमला किया था।
हमलावरों को बचा रही पुलिस: डा. सिंह
मेडिकल कॉलेज में भर्ती अर्थशास्त्र एवं वित्त विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. सीबी सिंह का कहना है कि पुलिस सब कुछ जानकार भी अनजान बनी हुई है। हमलावरों को बचाया जा रहा है। उनका कहना है कि हमलावरों की गाड़ी तक का नंबर बता दिया गया है, पुलिस ने गाड़ी का पता भी लगा लिया है, इसके बावजूद अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सरेआम इस तरह की गुंडई होगी तो लोगों का घर से निकलना दूभर हो जाएगा। वहीं, इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के शिक्षक भी अड़े हुए हैं। शनिवार को शिक्षकों ने विश्वविद्यालय में मीटिंग बुलाकर आगे की रणनीति तय की।