झांसी। पुलिस ने बुधवार को धीरू हत्याकांड का खुलासा कर दिया। इस मामले में धीरू के दो दोस्तों को गिरफ्तार किया गया है। घर से भागी पत्नी के बारे में छींटाकशी करने से गुस्साए दोस्त ने अपने साथी के साथ मिलकर धीरू की हत्या की थी।
उल्लेखनीय है कि कोतवाली थानांतर्गत बड़ागांव गेट बाहर स्थित राय कालोनी निवासी मोहन लाल गुप्ता के पुत्र वीरेंद्र गुप्ता उर्फ धीरू गुप्ता का शव रविवार की दोपहर नारायण बाग के नया तालाब की झाड़ियों में पड़ा मिला था। नजदीक में ही उसकी बाइक पड़ी थी। उसके माथे पर एक छेद था, जिससे गोली मारकर हत्या की आशंका थी।
पुलिस ने मृतक के चाचा राजेश कुमार गुप्ता की तहरीर पर अज्ञात हत्यारोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। बुधवार को कोतवाली पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी कि 24 जनवरी को धीरू ने अपने दो दोस्तों के साथ एक दुकान से शराब खरीदी थी।
सूचना के आधार पर कोतवाली पुलिस ने सहायक पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा व कोतवाली प्रभारी जे पी यादव के नेतृत्व में पूंछ थाना क्षेत्र के एरच रोड व हाल नवाबाद थाना क्षेत्र के राजपूत कॉलोनी में किराए के मकान में रहने वाले लल्लू खान उर्फ नूर हसन पुत्र मुनीर खान व बड़ागांव थाना क्षेत्र के ग्राम गंगावली निवासी धर्मेंद्र पुत्र राम कुमार जाटव को पकड़ लिया। कड़ाई से की गई पूछताछ में दोनों ने हत्या का जुर्म कबूल लिया।
बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में धीरू हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि पिकप गाड़ी चलाने वाले लल्लू ने धीरू से कुछ रुपये उधार ले रखे थे। इस कारण धीरू का लल्लू के यहां आना जाना था। धीरू की लल्लू की पत्नी हाजरा बेगम दो माह पूर्व पूंछ व हाल में शिवाजी नगर में ही रहने वाले रामसिंह साहू के साथ इंदौर चली गई थी।
पत्नी के घर से चले जाने की जानकारी लल्लू ने नवाबाद थाना पुलिस को दी थी। यह जानकारी जब हाजरा को लगी तो वह झांसी आई और थाने में बयान दिया कि वह लल्लू की नहीं रामसिंह की पत्नी है। इससे पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकी। इधर, धीरू का आना जाना लल्लू के घर बना रहा।
बात-बात पर धीरू लल्लू उसकी पत्नी को लेकर से छींटाकशी करता था। इस छींटाकशी ने लल्लू के जले पर नमक का काम किया। गुस्से में उसने धीरू की हत्या करने का फैसला कर लिया। हत्या करने के लिए उसने अपने दोस्त धर्मेंद्र को राजी कर लिया।
घटना वाले दिन लल्लू ने धीरू को मौजमस्ती करने का झांसा दे कर अपने पास बुलाया । इस पर धीरू अपनी बाइक से उनके पास पहुंच गया। तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर पहले धर्मेंद्र के गांव गए। पहले दोनों की योजना गांव के पास ही हत्या करने की थी, मगर कुछ लोगों द्वारा देख लेने पर उन्होंने निर्णय बदल दिया।
इसके बाद तीनों ने ग्राम टकोरी के ठेके पर शराब पी। यहां से वह झांसी आए। यहां उन्होंने पहले बड़ा बाजार व फिर नारायण बाग तिराहे के पास से शराब खरीदी और ठेके पर बैठकर पी। नशा जब चरम पर पहुंच गया तो तीनों नारायण बाग स्थित धोबी घाट पहुंच गए।
यहां धर्मेंद्र गुमराह करने के लिए मोबाइल पर लड़की से बात करने का नाटक करने लगा और उसे जल्दी आने को कहा। इसी बीच मौका पाकर लल्लू ने धीरू पर हथौड़े से हमला कर दिया। अचेत होने पर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद धीरू का मोबाइल तोड़कर तालाब में फेंक दिया।
धर्मेंद्र को बड़ी रकम मिलने की थी उम्मीद
धीरू की हत्या करने में सहयोग करने वाले धर्मेंद्र को मोटी रकम मिलने की उम्मीद थी। लल्लू ने उससे कहा था कि धीरू ब्याज का काम करता है और उसके पास हर समय लाख, डेढ़ लाख रुपये रखे रहते हैं। इसी लालच में वह साजिश में शामिल हो गया। मगर हत्या करने के उपरांत मृतक की जेब में केवल 850 रुपये ही मिले। यह रुपये मृतक पैंट के अंदर वाली जेब में रखे हुए था। यही कारण है कि मृतक की पैंट की जिप खुली पायी गई थी।
लावारिस बने बच्चे
लल्लू खान के चार बच्चे (दो लड़के, दो लड़कियां) हैं। इनमें दो वर्तमान में उसके पास ही रह रहे हैं। जबकि एक बच्चा निवाड़ी व दूसरा टीकमगढ़ में रिश्तेदारों के पास है। पति-पत्नी द्वारा उठाए गए कदमों के कारण उनके बच्चे आज लावारिस बन गए हैं।