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बेइज्जती के प्रतिशोध में हुई थी राजेंद्र की हत्या

Fri, 20 Nov 2015 01:01 AM IST
ब्यूरो
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झांसी। जुआ में जीते पांच हजार रुपये छीनने और घर पर गाली-गलौज करने के प्रतिशोध में राजेंद्र यादव की हत्या की गई थी। वारदात को अंजाम देकर हत्यारोपी ने खून से सनी कुल्हाड़ी अनाज से भरे कमरे में छुपा दी थी। यह खुलासा बृहस्पतिवार को एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे ने मुख्य अभियुक्त हरीशचंद्र की गिरफ्तारी के बाद किया।
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उन्होंने बताया कि 15/16 नवंबर की रात बबीना थानांतर्गत लकड़ादेव मंदिर के सामने स्थित चाय के ढाबे पर उसके संचालक राजेंद्र यादव की कुल्हाड़ी से गर्दन पर प्रहार कर हत्या की गई थी। मृतक के पुत्र जितेंद्र यादव निवासी मनकुआं ने हरीशचंद्र यादव, चिंटू यादव पुत्रगण जगदीश यादव, रमेश पुत्र मंशाराम व अंगद पुत्र सीताराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

बृहस्पतिवार की सुबह करीब सात बजे थाना प्रभारी बलजीत सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि राजेंद्र यादव की हत्या का मुख्य आरोपी कहीं भागने की फिराक में बड़ोरा तिराहा पर खड़ा है। इस पर उन्होंने घेराबंदी करके उसे दबोच लिया। पूछताछ में हरीशचंद्र ने बताया कि राजेंद्र यादव के साथ जुआ खेलने पर वह पांच हजार रुपये जीत गया था। इसके बाद हरीशचंद्र ने बबीना के ही भल्लू यादव के साथ मिलकर उससे जीते रुपये छीन लिए।
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यही नहीं, उसके घर पर आकर गाली-गलौज कर अपमानित किया। इससे आहत होकर उसने हत्या करने का फैसला किया। रात को वह कुल्हाड़ी लेकर ढाबे पर पहुंचा, जहां राजेंद्र यादव सो रहा था। उसने कुल्हाड़ी से गर्दन पर प्रहार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। गिरफ्तार हत्याभियुक्त की निशानदेही पर पुलिस ने खून से सनी कुल्हाड़ी बरामद कर ली है।

मारने गया था भल्लू यादव को, मार दिया राजेंद्र को
हत्याभियुक्त हरीशचंद्र ने बताया कि उसे राजेंद्र यादव की नहीं भल्लू यादव की हत्या करनी थी, क्योंकि उसी ने घर पर आकर सबसे ज्यादा अभद्रता की थी। उसे पता चला कि ढाबे पर भल्लू यादव सो रहा है, इस पर वह हत्या करने चला गया। चूंकि राजेंद्र यादव चादर ओढ़कर सो रहा था, इसलिए उसे पता नहीं चला कि भल्लू की जगह राजेंद्र सो रहा है।

अन्य की संलिप्तता को लेकर होगी जांच
हत्याभियुक्त से पूछताछ के बाद एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि राजेंद्र की हत्या हरीशचंद्र ने की। प्रथम दृष्टया वारदात के समय मौके पर अन्य आरोपियों की संलिप्तता नजर नहीं रही है। लेकिन जांच के बाद ही अन्य संलिप्तता का खुलासा हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह भी संभव है कि गांव में चुनावी रंजिश के चलते अन्य के नाम शामिल करवाए गए हों।
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