जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इलाज के दौरान बच्ची की मौत के बाद हंगामा हो गया। परिजनों का आरोप था कि गलत इंजेक्शन लगाने से मौत हुई है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे परिजनाें ने किसी तरह मामला शांत कराया। परिजन बगैर पोस्टमार्टम के शव ले गए। जिस कारण आगे की कार्रवाई नहीं हो सकी।
राजगढ़ निवासी जाकिर की पुत्री कायनात (10) दो दिन से बीमार थी। सोमवार की सुबह तबीयत खराब होने पर जिला अस्पताल लाया गया। जहां इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। इंजेक्शन लगाने के बाद अचानक हालत बिगड़ने पर बच्ची की मौत हो गई। यह देखकर परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया। परिजनों का आरोप था कि इंजेक्शन लगाते ही उसकी हालत बिगड़ी। जबकि, चिकित्सकों का कहना था कि बच्ची की हालत नाजुक थी। उपचार से पहले उसकी पल्स नहीं आ रही थी। पल्स को लाने के लिए इंजेक्शन लगाया गया, लेकिन उससे पहले बच्ची ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाकर मामला शांत कराया।