चिरगांव (झांसी)। दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता का उत्पीड़न करने वाले पति समेत छह लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
कसबे के करइयनपुरा निवासी मुबारक खान ने पुलिस को बताया कि 28 अप्रैल 2012 को उसने अपनी पुत्री समा कौसर का विवाह मुस्लिम रीति के अनुसार भोपाल के अशोका गार्डन निवासी अब्दुल साहब मलिक के साथ किया था। बताया गया था कि लड़का बैंक मैनेजर है, इस कारण उसने दहेज में छह लाख रूपये नगद तथा 9 लाख रूपये का दहेज में सामान दिया था ।
शादी के बाद जब लड़की पहली बार ससुराल गई तो ससुराली जनों ने कहा कि गाड़ी खरीदने के लिए ग्यारह लाख रुपये चाहिए , इसलिए पांच लाख रुपये अपने पिता से लेकर आओ, जब समा ने ऐसा करने से मना किया तो उसका उत्पीड़न शुरू हो गया । यह सिलसिला रुक रुक कर चलता रहा। इसी बीच उसने एक पुत्री को जन्म दिया। इसके कुछ महीनों बाद जब वह पुन: गर्भवती हुई तो ससुराली जनों ने उसे पकड़कर जबरन दवा खिलाकर उसका गर्भपात करा दिया , हालत खराब होने पर पिता उसे चिरगांव ले आया तथा उसका इलाज कराया।
,इसके बाद ससुराली जनों ने चिरगांव आकर मायके में पुत्री की मारपीट की। जब परिवार के लोग बचाने दौड़े तो उन्हें भी गाली गलौज करते हुए मारा पीटा तथा जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने पति अब्दुल साहिब, सास हसीना अयाज, जेठ अब्दुल बहाव, अब्दुल हफीज, ननद नगमा, नइमा के खिलाफ धारा 498 ए, 323, 504, 506, 313, 3/4 दहेज अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।