गुड़गांव का एक किशोर बदमाशों के चंगुल से छूट कर ट्रेन द्वारा झांसी स्टेशन आ गया। डरे सहमे किशोर द्वारा मदद मांगने पर स्टेशन पर मौजूद आरपीएफ के जवानों ने उसे अपनी सुरक्षा में ले लिया और बाद में परिजनों के झांसी आने पर उसे उनके सुपुर्द कर दिया।
आरपीएफ के जवान मंगलवार की रात प्लेटफार्म नंबर तीन पर गश्त कर रहे थे, तभी गाड़ी संख्या 12716 अप सचखंड एक्सप्रेस प्लेटफार्म पर आकर खड़ी हुई। ट्रेन के रुकने पर एक किशोर भागकर उनके पास मदद के लिए आया। किशोर घबराया हुआ था। पूछताछ में उसने अपने को हरियाणा के गुड़गांव सेक्टर 46 निवासी नरेश रौहेला का पुत्र रजत रौहेला (15) बताया। उसने बताया कि उसके पिता एक कंपनी में सहायक मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। वह छह जुलाई की शाम करीब छह बजे सेक्टर पार्क में फुटबाल की प्रैक्टिस के लिए गया था। इसी बीच कुछ अज्ञात लोगों ने पीछे से मुंह पकड़ने के बाद गाड़ी में डाल लिया और दिल्ली ले गए, जहां उसे एक झोपड़ी में बांधकर रखा गया। सात जुलाई की दोपहर वह किसी तरह खुद को बंधन से मुक्त कर भाग निकला। भागते हुए वह रेलवे लाइन के पास पहुंचा और मौके पर खड़ी एक ट्रेन के टायलेट में घुसकर खुद को बंद कर लिया। ट्रेन से वह झांसी तक आ गया। यहां खिड़की से उसे वर्दीधारी दिखे तो मदद के लिए उनके पास भागकर पहुंचा। बाद में किशोर थाने लाया गया। किशोर द्वारा बताए गए नंबर पर पिता से संपर्क किया गया और पुत्र के मिलने की जानकारी दी गई। पिता ने मोबाइल पर बताया कि उन्होंने काफी तलाशने के बाद गुड़गांव के सदर थाने में पुत्र की गुमशुदगी दर्ज कराई हुई है। इसके बाद गुड़गांव के सदर इंचार्ज विजय कुमार से संपर्क करने पर मामले की पुष्टि हुई। बुधवार की सुबह रजत के पिता अन्य परिजनों के साथ झांसी आए। आरपीएफ इंस्पेक्टर राजीव उपाध्याय के समक्ष किशोर को आवश्यक कार्रवाई के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।