होली के नजदीक आते ही मांग व खपत के बढ़ते ही खाद्य सामग्रियों में मिलावट का दौर शुरू हो जाता है। इस पर शिकंजा कसने के लिए खाद्य एवं औषधि विभाग ने कार्रवाई करते हुए जिले के 129 प्रतिष्ठानों की जांच की। मिलावट की शंका होने पर 27 प्रतिष्ठानों से नमूने भरकर जांच के लिए लैब भेजे हैं।
मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए एक मार्च से 12 मार्च तक ही खाद्य विभाग ने 129 प्रतिष्ठानों की जांच कर 27 प्रतिष्ठानों के नमूनों को भरकर जांच के लिए भेजा है। जिसमें आठ मावा, चार तेल, छह नमकीन, व नौ अन्य खाद्य सामग्रियों के नमूने भर कर जांच के लिए भेजे गए हैं। जिला अभिहित अधिकारी राजेश द्विवेदी ने बताया की मिलावट के प्रति जागरूक करने के लिए पूर्व में अभियान चलाकर व्यापारियों को जागरूक किया गया है। होली को देखते हुए विभाग पूरी तरह से सक्रिय है। जिले में लगातार मिलावटखोरों के खिलाफ मुहिम चलाई जा रही है, विभाग के द्वारा अन्य प्रदेशों व जनपदों से आने वाली बसों, ट्रकों के साथ ही प्राइवेट वाहनों को पूरी तरह से खंगाला जा रहा है। पूर्व में दतिया से आने वाली एक बस से 250 किलो मावा को जब्त कर सैंपल को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि सर्वाधिक मावा में मिलावट की जाती है। मावा में आलू, शकरकंद, मैदा, अरारोट व सूजी की मिलावट होती है।
ऐसे करें मिलावट की जांच
बीटाडीन सॉल्यूशन यंत्र से आसानी से मिलावट की जांच की जाती है। परखनली में खाद्य सामाग्री को डालकर उसमें बीटाडीन सॉल्यूशन की पांच बूंदे डालने पर सामग्री का रंग बैगनी होने पर मिलावट की पुष्टि हो जाती है। भूरा होने पर मिलावट नहीं होने का संकेत है।
इस नंबर पर दें सूचना
जिले के नागरिक अपने आस-पास या अन्य कहीं पर भी मिलावट की शंका होने पर जिला अभिहित अधिकारी के मोबाइल नंबर 7905484917 पर सूचना दे सकते हैं। जिसकी तुरंत जांच की जाएगी।