झांसी। हाट का बाजार में गत्ते में लिपटे मिले महिला के शव की शिनाख्त को लेकर शायद पुलिस ने हार मान ली है। शव की शिनाख्त के प्रयास लगभग बंद हो गए हैं और जांच ठंडे बस्ते में पड़ी है। सबूतों के नाम पर पुलिस खाली हाथ है। लापरवाही का आलम ये है कि पुलिस ने शिनाख्त के लिए न तो पैम्फलेट लगवाए और न ही प्रचार प्रसार किया।
प्रेमनगर के हाट का मैदान में 31 जुलाई की सुबह करीब 25 वर्षीय महिला का गत्ते में लिपटा शव मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उसकी गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई थी। शिनाख्त करने के लिए प्रेमनगर पुलिस ने हाट का मैदान वाले मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों में दिखी एक संदिग्ध कार के चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की मगर कोई सुराग नहीं मिला। समय गुजरने के साथ ही पुलिस ने मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया।
शिनाख्त करने के लिए उठाए जाने वाले जरूरी कदम भी नहीं उठाए। उसके पोस्टर छपवाकर न आसपास के क्षेत्र व थानों पर लगवाए और न पड़ोसी जिलों में भेजे गए। किसी भी तरह का न प्रचार-प्रसार दिया और न पड़ोसी राज्य के जिलों की पुलिस से संपर्क साधा। रविवार को जानकारी करने पर पता चला कि एसएसपी कार्यालय से जरूर फोटो स्टेट की एक-एक प्रति पड़ोसी जिलों में भेजी जा चुकी है। यह प्रति शहर के प्रेमनगर थाने के अलावा कहीं पर भी लगी नहीं दिख रही है।
पैम्फलेट बंटवाए थे। शव एक साइकिल कंपनी के गत्ते में लिपटा था, जिसके डीलर से बातचीत की गई थी। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले हैं मगर कोई सुराग नहीं लगा है।
- देवेंद्र दुबे, थानाध्यक्ष प्रेमनगर