झांसी। ग्वालियर के नशा मुक्ति केंद्र में सोमवार-मंगलवार की रात सीपरी बाजार प्रेमगंज के एक व्यक्ति की संदिग्धावस्था में मौत हो गई। मंगलवार की सुबह जब केंद्र के लोग शव लेकर आए तो चोट के निशान देख परिजनों का गुस्सा भड़क गया। परिजनों ने दो लोगों को मय चौपहिया वाहन दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। जबकि एक मौका पाकर भाग निकला।
परिजनों ने बताया कि सीपरी बाजार थानांतर्गत प्रेमगंज निवासी सचिन पाठक (35) पुत्र रामप्रसाद पाठक शराब पीने का आदी था, जिससे उसकी कई बार तबियत खराब हो चुकी थी। जिसके चलते नौ अप्रैल की शाम को उसकी पत्नी अंकिता पाठक ने ग्वालियर के नशा मुक्ति केंद्र को फोन करके पति को ले जाने के लिए कहा। 10 अप्रैल की सुबह केंद्र से आई टीम सचिन को लेकर ग्वालियर चली गई।
सोमवार-मंगलवार की रात करीब तीन बजे केंद्र से परिजनों को फोन आया कि उसकी तबियत बिगड़ने से मौत हो चुकी है। इस पर परिजनों ने शव को घर भेजने के लिए कहा। केंद्र के तीन लोग चौपहिया वाहन से घर आए। सचिन का शव देखकर परिजनों का गुस्सा फूट गया। उसके मुंह से खून बह रहा था और शरीर पर चोट के निशान थे। इस पर परिजनों की केंद्र से आए लोगों से कहासुनी हो गई। जब मामला बिगड़ने लगा तो एक व्यक्ति मौका पाकर भाग निकला। इस पर परिजनों ने मय वाहन दो लोगों को पकड़ लिया। इसकी सूचना मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने केंद्र के दोनों लोगों को हिरासत में ले लिया है।
दोनों ने बताया कि केंद्र पर मारपीट करने का आरोप लगाया गया। जो पूरी तरह से निराधार हैं। सचिन की रात के समय अचानक तबियत बिगड़ गई थी, जिस पर उसे एक नर्सिंगहोम पहुंचाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि केंद्र पर पिटाई से नहीं बल्कि दवाओं की मदद से लोगों को नशे से मुक्ति दिलाई जाती है। वहीं, थानाध्यक्ष कामता प्रसाद ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।