जीआरपी सिपाहियों पर गैंगरेप का आरोप लगानी वाली किशोरी के बृहस्पतिवार को उरई में मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज किए गए।
बीते रोज ट्रेन में बेहोशी की हालत में मिली एक किशोरी (16) को उरई के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। होश में आने पर किशोरी ने बताया था कि वह आजमगढ़ की रहने वाली है। उसके माता पिता मर चुके हैं। वह झांसी में एक रिश्तेदार के पास रहती है। वह ट्रेन से लखनऊ जा रही थी, तभी झांसी स्टेशन पर जीआरपी के दो सिपाही उसे बहला फुसलाकर ले गए और उसके साथ रेप किया। बाद में सिपाहियों ने उसे ट्रेन में बैठा दिया। इस आधार पर जीआरपी उरई ने दो सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था।
बृहस्पतिवार को उरई में मजिस्ट्रेट के समक्ष युवती के बयान दर्ज किए गए। इस मामले में पुलिस अधीक्षक रेलवे रामबोध ने बताया कि युवती के पिता जिंदा हैं। वह अपने साले के साथ बृहस्पतिवार को उरई पहुंच गए हैं। युवती के पिता मूलरूप से जौनपुर के रहने वाले हैं और वर्तमान में लखनऊ में एक पीसीएस अफसर की गाड़ी चलाते हैं। लखनऊ के गुरुनानक पब्लिक स्कूल में किशोरी ग्यारहवीं की छात्रा है। 27 जुलाई को वह भाई बहन से झगड़ा होने के कारण घर से चली आई थी। निश्चय ही झांसी स्टेशन पर सिपाहियों ने उसे भटकते देखा होगा तो पूछताछ करने के बाद लखनऊ जाने वाली ट्रेन में बैठा दिया होगा। चूंकि, वह दो दिन से भूखी थी, इस कारण बेहोश हो गई थी। किशोरी श्रीवास्तव नाम के जिन सिपाहियों पर आरोप लगा रही है, उस नाम के सिपाही झांसी थाने में नहीं हैं। इससे मामला संदिग्ध लग रहा है। जीआरपी ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। जांच के बाद ही अंतिम निर्णय निकाला जाएगा।