जेल में बन रही हैं बदमाशों की गैंग
झांसी। जेल में बंद बदमाश गैंग बना रहे हैं। बाहर आकर यह आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। पिछले कुछ दिनों के दौरान गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ मेें पुलिस को यह तथ्य हाथ लगे हैं कि इन्होंने जेल में बंद रहने के दौरान गैंग बना ली थी। इसे देखते हुए पुलिस सतर्क हो गई है। तय किया है कि जेल प्रशासन से हर सप्ताह बैठक होगी। बदमाशों पर नजर रखकर उनकी जानकारियां साझा की जाएंगी।
जेल पहुंचने वाले अपराधी सुधरने की बजाए गोपनीय तरीके से दोस्ती कर गैंग बना रहे हैं, जो बाहर निकलकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। हाल ही में जनवरी में हुए खुलासों में यह बात सामने आई है। पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ में पता चला कि जेल में बंद रहने के दौरान दोस्ती हुई और आपस में गैंग बना ली। जेल से बाहर निकलकर घटनाओं को अंजाम देने लगे। इस तरह के मामले सामने आने के बाद पुलिस और जेल प्रशासन सक्रिय हो गया है। पेशेवर अपराध होने पर पुलिस पुराने बदमाशों की फाइलें खंगालती रहती है। जबकि, दूसरों जिलों के शातिर अपराध के बाद आराम से बच निकलते हैं, उन पर किसी की नजर नहीं पड़ती है। इसको देखते हुए एसएसपी ने नए सिरे से कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। हर सप्ताह या फिर 15 दिन में क्राइम ब्रांच व स्वॉट टीम जेल प्रशासन के साथ बैठक कर सूचनाओं का आदान-प्रदान करेंगे। जेल में बंद बदमाशोें की गतिविधियों, अंदर से जेल प्रशासन व बाहर आने वाले बदमाशों पर क्राइम ब्रांच व स्वॉट टीम नजर रखेगी।
ये घटनाएं आईं सामने
केस-1
पिछले सप्ताह स्वॉट टीम व मऊरानीपुर पुलिस ने सचिन सोनी थाना चिरगांव के नाहर घाट व मूल निवासी थाना बरुआसागर के उजियान को पकड़ा था। जिस पर कई आपराधिक मामले दर्ज थे। जेल में आरोपी सचिन ने करन यादव और वीरेंद्र उर्फ वीरू के साथ मिलकर गैंग तैयार कर ली थी और एक हत्या में भी शामिल थे।
केस-2
कोतवाली व स्वॉट टीम ने भी 19 जनवरी को कोतवाली के नरसिंह राव टौरिया निवासी जुगल किशोर, रिंकू अहिरवार, मऊरानीपुर के मोहल्ला गांधीगंज निवासी प्रवीण कुमार, नरेंद्र कुशवाहा और थाना सदर बाजार के भट्टागांव स्थित आजाद नगर निवासी गुरुचरण को लूट की वारदात में पकड़ा था। इन बदमाशों ने भी जेल में गैंग तैयार की थी।
इन पर रहेगी नजर
- किस जिले के कितने बदमाश झांसी जेल में बंद हैं।
- पूरी जानकारी जुटाकर आसपास के जिलों को भेजी जाएगी।
- जेल में बंद अपराधियों से मिलने वालों पर भी नजर रहेगी।
- जमानत देने वालों से पुलिस गोपनीय रूप से पूछताछ करेगी।
- किस बैरक में कौन-कौन रह रहा है, इसकी रिपोर्ट तैयार होगी।
जेल में बंद बदमाशों पर जेल प्रशासन और बाहर स्थानीय स्तर पर नजर रखी जा रही है। बैठक कर इनकी जानकारियों को साझा किया जाएगा। जेल जाने वाले व छूटने वाले बदमाशोें पर खुफिया नजर रखी जाएगी, ताकि जेल में गैंग तैयार न कर सकें। इससे अपराध पर भी लगाम लगेगी। - डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी।