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डीजे के शोर से जागी पुलिस, अब चलेगा डंडा

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विवाह घरों में देर रात तक डीजे बज रहे हैं, जबकि नियमानुसार दस बजे तक इन्हें बंद हो जाना चाहिए। अमर उजाला में इस मनमानी को उठाए जाने के बाद अब पुलिस सक्रिय हो गई है। इसे लेकर एसएसपी ने सभी विवाह घर संचालकों को नोटिस जारी किए हैं। देर रात तक डीजे बजते पाए जाने पर विवाह घर संचालक के खिलाफ तो कार्रवाई होगी ही, साथ ही मौके से तत्काल डीजे जब्त कर लिए जाएंगे।

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शादी विवाह या किसी अन्य दूसरे कार्यक्रमों में न्यायालय की ओर से समय अवधि तय है, लेकिन इसके बाद भी बेधड़क शादी विवाह घरों व सड़कों पर डीजे की तेज आवाजों के साथ बारातें निकल रही हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रह है। शादी का सीजन होने के बाद देर रात डीजे बज रहे हैं। अमर उजाला ने जनता की इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था, जिस पर संज्ञान लेते हुए एसएसपी डा. ओपी सिंह ने विवाह घरों को नोटिस जारी किया है।

नियमों के मुताबिक रात दस बजे के बाद ऊंची आवाज में डीजे का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है, ध्वनि प्रदूषण को रोकने और लोगों को किसी भी तरह की परेशानी से बचाने के लिए यह नियम तय किया गया है, लेकिन कई जगहों पर देर रात तक इन नियमों का उल्लंघन करके डीजे को बजाया जा रहा है।
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एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने सभी थानेदारों को निर्देश जारी किए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में इस नियम का सख्ती से पालन करवाएं और जहां पर भी कोई शिकायत देर रात तक डीजे बजने की मिले उस पर तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करें। इसमें किसी भी प्रकार की कोई नरमी ना बरती जाए।

यह हैं नियम
ध्वनि प्रदूषण नियमों के तहत औद्योगिक क्षेत्र में दिन के समय 75 और रात में 70 डेसिबल, व्यवसायिक क्षेत्र में दिन के समय 65 और रात में 55 डेसिबल, आवासीय क्षेत्र में दिन के समय 55 और में 45 डेसिबल क्षमता से लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की ही अनुमति होगी। ऐसे ही साइलेंस जोन में दिन के समय 50 और रात में 40 डेसिबल ध्वनि की सीमा सख्ती से लागू होगी। ध्वनि नियंत्रण नियमावली के अनुसार निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान है। नियमों का पालन नहीं करने पर अधिकतम पांच वर्ष की सजा और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। विभिन्न प्रकरण में कोर्ट सजा और जुर्माना दोनों लगा सकती है।

जाम को लेकर भी सख्ती
सड़कों पर निकलने वाली बारात भी जाम की मुख्य वजह बन रही है, जिस कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। मरीज भी परेशान होते हैं, लेकिन बारातियों को इससे कोेई फर्क नहीं पड़ता। एसएसपी ने निर्देश दिए हैं कि यदि एक साथ कई बारातें निकलती हैं तो संबंधित थाने या फिर चौकी की पुलिस बारात को आगे बढ़वाने की व्यवस्था बनवाएगी। किसी भी दशा में जाम नहीं लगना चाहिए। जिन विवाह घरों में पार्किग नहीं है या फिर सड़क पर वाहन खड़े होते हैं, ऐसे विवाह घर संचालकों को नोटिस भेजा है। इसमें साफ कहा गया है कि अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए, सभी नियमों का पालन हो।

सुरक्षा पर भी रहेगा ध्यान
कई विवाह घरों में अंदर व बाहर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, कुछ में लगे भी तो खराब हैं। ऐसे में विवाह घरों में चोरी हो जाने के बाद चोरों को पकड़ना मुश्किल भरा होता है। एसएसपी ने सभी विवाह घरों में सीसीटीवी कैमरे जल्द लगाने के निर्देेश दिए हैं और जिनके खराब हैं उनको भी सुधरवाए जाने को कहा है। पिछले साल भी करीब दस से अधिक चोरियां विवाह घरों से हुई थीं।

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