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क्राइम: वृद्धा की हत्या -Lalitpur

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नौकर निकला डाक्टर की मां का कातिल
सब हेड: साथी के साथ सफाई करने के बहाने घर में हुआ था दाखिल
- पहचाने जाने पर कर दी थी हत्या, चौबीस घंटे के अंदर पुलिस ने किया खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डा. राजेंद्र सिंह की मां लाड़ कुंवारी (78) की बुधवार को हुई हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। वृद्धा के दामाद का नौकर ही कातिल निकला है। वह अपने साथी के साथ चोरी की नीयत से घर में दाखिल हुआ था। पहचाने जाने पर उसने हत्याकांड को अंजाम दिया। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। यह जानकारी बृहस्पतिवार को एसपी सिटी देवेश कुमार पांडेय ने पत्रकार वार्ता में दी।
कोतवाली क्षेत्र के सैंयर गेट बाहर रहने वालीं लाड़ कुंवारी के दामाद जिला अस्पताल के सेवानिवृत्त मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश चंद्रा हैं। उनके यहां सुकुवा ढुकुवा कॉलोनी निवासी प्रमोद रायकवार दूध देने और साफ-सफाई का काम करता था। डा. चंद्रा अक्सर उसे अपनी सास लाड़ कुंवारी के घर की साफ-सफाई के लिए भेज देते थे। लाड़ कुंवारी को भी उस पर पूरा भरोसा था। लेकिन, प्रमोद के मन में खोट आ गया। उसने हाइडिल कॉलोनी निवासी अभिषेक उर्फ बंटी चंदेल के साथ मिलकर उनके यहां चोरी की योजना बनाई। दोनों बुधवार को बाइक से लाड़ कुंवारी के घर पहुंचे। बाइक उन्होंने पास की गली में खड़ी कर दी और पूरी सतर्कता के साथ घर के भीतर दाखिल हो गए। चूंकि, प्रमोद पहले भी कई बार घर आ चुका था, इससे उसे भीतर दाखिल होने में ज्यादा परेशान नहीं हुई। घर के अंदर पहुंचकर उन्होंने वृद्धा से रुपये और कीमती सामान के बारे में पूछा, महिला तुरंत उनके इरादे भांप गई और चिल्लाने की कोशिश की। इस पर प्रमोद ने उनके मुंह में घूंसा मार दिया, जिससे वह लहूलुहान हो गई। इसके बाद उन्होंने उनके मुंह में तौलिया ठूंस दी। लाड़ कुंवारी उन्हें पहचान चुकी थी, ऐसे में उन्होंने उसे खत्म करने का मन बना लिया। साथी अभिषेक रसोई से दो चाकू उठा लाया और चाकुओं से दोनों ने गला रेत कर हत्या कर दी। इसके बाद घर की अलमारियों को खंगाला, लेकिन उनके हाथ सिर्फ सौ रुपये ही लग सके। घटना स्थल पर ही दोनों ने हाथ पैर धोए और निकल दिए। दोनों ने घर जाकर अपनी-अपनी जींस बदलीं और खून से सनी जींस गुलाम गौस खां पार्क में फेंक दीं।
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पुलिस ने दोनों को बृहस्पतिवार की सुबह साढ़े सात बजे बीकेडी चौराहे के पास से गिरफ्तार किया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने घटना का पूरा ब्योरा पुलिस के सामने रख दिया।

इन्होंने किया खुलासा
थाना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अजय पाल सिंह, एसएसआई कमलेश यादव, एसआई कृष्णपाल सिंह व लोकेंद्र त्रिपाठी, कांस्टेबल विक्रम सिंह, देवेंद्र सिंह, अजय कुमार और पुष्पेंद्र सिंह।

पड़ोसी की टोकाटाकी से मिला क्लू
लाड़ कुंवारी के घर से सटा हुआ घर उनके रिश्तेदारों का है। उसकी कबाड़ की दुकान है। घटना को अंजाम देने के बाद जब दोनों बदमाश घर से बाहर निकले, तो पड़ोस में अपनी दुकान पर बैठे गोलू ने उन्हें बुलाया और पूछा कैसे आए थे, इस पर हड़बड़ाहट में प्रमोद ने बताया कि डा. चंद्रा ने उन्हें घर की सफाई के लिए भेजा था। इसके बाद वह चले गए। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस के सामने यह बात आई। यहीं से पुलिस ने अपनी जांच आगे बढ़ा दी। इसमें एक तार और जुड़ गया। दोपहर में डा. चंद्रा के यहां प्रमोद खाना खाने जाता था, परंतु घटना वाले दिन वह नहीं पहुंचा। इससे पुलिस का शक और मजबूत हो गया। पकड़ में आने के बाद कड़ाई से पूछताछ में एक झटके में बदमाशों ने सच उगल दिया।

काश पहले ही सतर्क हो जाते डा. चंद्रा
सुकुवा ढुकुवा कॉलोनी निवासी प्रमोद रायकवार दो साल से डा. रमेश चंद्रा के यहां काम कर रहा था। मार्च में डा. चंद्रा के घर से पंद्रह हजार रुपये चोरी हो गए थे। इसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दी थी। पुलिस ने प्रमोद को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ भी की थी। लेकिन, इससे पहले कि पुलिस अंजाम तक पहुंच पाती, डा. चंद्रा का दिल पसीज गया और शिकायत वापस ले ली। इसके बाद फिर से प्रमोद को काम पर रख लिया। डा. चंद्रा ने बताया कि प्रमोद के बारे में वह ऐसा सोच भी नहीं सकते थे। उस पर पूरा भरोसा था। पता नहीं था कि एक दिन वह इतना बढ़ा धोखा देगा।
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दोस्त ने गलत रास्ते पर धकेला
घटना के मुख्य अभियुक्त डा. चंद्रा का नौकर प्रमोद रायकवार ने बताया कि वह सीधा और दिल लगाकर काम करने वाला है। यही वजह थी कि डा. चंद्रा को उस पर पूरा भरोसा करते थे। कुछ माह पहले उसकी दोस्ती अभिषेक से हो गई। अभिषेक के ऊपर कोतवाली में पांच मुकदमे दर्ज हैं। ज्यादा और जल्दी पैसा कमाने की झांसे में वह अभिषेक की बातों में आ गया और दोनों ने मिलकर लाड़ कुंवारी की हत्या कर दी।

अकेले हों बुजुर्ग, तो बरतें यह सावधानी
- बुजुर्ग अकेले और बच्चे बाहर रहते हों तो घर में सीसीटीवी कैमरा जरूर लगवाएं
- सीसीटीवी को अपने मोबाइल से कनेक्ट कराकर घर के आसपास की गतिविधियों पर नजर रखें
- फोन पर नियमित रूप से हालचाल लेते रहें
- पड़ोसियों से भी बुजुर्गों के बारे में पूछते रहें, इससे वह भी ख्याल रखेंगे
- घर छोड़ते समय बुजुर्गों का ब्योरा क्षेत्र की चौकी और थाने में जरूर दर्ज कराएं
- घर में आने वाले नौकर, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर की जानकारी रखें
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