ललितपुर। फर्जी दस्तावेज और कूटरचित कागजात से आपराधिक मामलों के आरोपियों की जमानत कराई गई थी। इस मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया है। करीब 20 पेशेवर जमानतदारों पर आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस आरोपियों के खिलाफ आवश्यक साक्ष्य संकलित कर रही है।
जनपद की थाना-कोतवाली पुलिस ने जमानतदारों का सत्यापन अभियान चलाया था। इसमें 20 पेशेवर जमानतदारों के नाम सामने आए, जिन्होंने फर्जी दस्तावेज का उपयोग किया। इन जमानतदारों ने चोरी, मारपीट, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और धोखाधड़ी जैसे मुकदमों में जमानतें लीं। इनमें जनपद के साथ झांसी, सागर, दमोह, राजगढ़, सतना, समस्तीपुर, नागपुर, कानपुर देहात और हरियाणा के मेवात क्षेत्र के 241 अभियुक्त शामिल थे। जमानत कराने के एवज में आरोपियों ने आर्थिक लाभ लिया था। इस खेल का भंडाफोड़ होने के बाद कोतवाली सदर में पांच, जखौरा में एक और जाखलौन थाने में दो मुकदमे दर्ज हुए।
पुलिस अब इन पेशेवर जमानतदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस राजस्व अभिलेखों की पड़ताल कर रही है। कूटरचित दस्तावेज कहां से तैयार करवाए गए, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है। इस खेल में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच हो रही है। सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
इन पेशेवर जमानतदारों के खिलाफ दर्ज हैं मुकदमे
फर्जी और कूटरचित दस्तावेज को तैयार कर अपराधियों को जमानत दिलाने के आरोप में रतीराम, मंगू उर्फ मगनलाल, कमलेश, इमरत, दुली, भरत, शिवलाल, प्रमोद, देवी प्रसाद, कन्हैयालाल, बाबूलाल उर्फ बल्लू, राजेश, जगदीश, रमेश, पप्पू, लक्ष्मन, प्रेमचंद्र, भानुप्रताप, महेश, हरगोविंद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अवैध जमानत देने वाले 20 पेशेवर जमानतदारों के खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों की गहनता से जांच की जा रही है। आवश्यक साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं। जांच के बाद जो तथ्य निकलकर सामने आएंगे उसके अनुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- कालू सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक