झांसी। कोविड को लेकर पूरे सूबे के सोलह संवेदनशील जनपदों में झांसी भी शुमार है। नोडल अधिकारी नगर विकास सचिव विकास गोठलवाल ने देर रात अफसरों के साथ बैठक करके इस पर काबू पाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। लगातार बढ़ रहे कोविड पॉजिटिव मामलों पर चिंता जताते हुुए नगर विकास सचिव ने पॉजिटिव रेट बढ़ने के कारणों की पड़ताल करने की जरूरत बताई। ट्रेसिंग व टेस्टिंग पर फिर से फोकस करने के निर्देश दिए। कहा, पॉजिटिव केस के 2-4 घरों को ही कंटेनमेंट जोन बनाकर उनकी टेस्टिंग कराई जाए। उन्होंने प्राइवेट हॉस्पिटल के ओपीडी में एंटीजन टेस्टिंग को जरूरी बताया।
नोडल अधिकारी ने मास्क का प्रयोग बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान भी शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने रेलवे हॉस्पिटल, हाइटेक हॉस्पिटल एवं जर्मनी हॉस्पिटल के लिए प्लान तैयार करने की जरूरत बताई। नोडल अधिकारी ने सभी आवश्यक उपकरणों की जानकारी समय पर देने को कहा जिससे शासन से समय पर उपलब्ध कराया जा सके।
जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने बताया मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। 25 प्राइवेट हॉस्पिटल में एंटीजन टेस्टिंग शुरू कराई गई। इसके साथ कैंट हॉस्पिटल व नगर निगम के आश्रय गृह को एल-1 हॉस्पिटल बनाया गया। बैठक में विशेष सचिव, सिंचाई प्रेम रंजन सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर गैरिऐटिक मेंटल हेल्थ, राधेश्याम गंगवार, संयुक्त निदेशक मलेरिया स्वास्थ्य भवन डॉ.विकास सिंघल, संयुक्त निदेशक डॉ.जीडी गुप्ता, सीडीओ शैलेष कुमार, नगर आयुक्त अवनीश कुमार राय समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।