झांसी। फील्ड आउटरीच ब्यूरो की झांसी इकाई ने कोविड-19 झिझक मिटाएं, वैक्सीन लगवाएं विषय पर वेबिनार का आयोजन किया। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने कहा कि कोविड का एकमात्र इलाज है सौ प्रतिशत टीकाकरण। कोरोना की तीसरी लहर के बारे में उन्होंने कहा कि हम इसके लिए पूरी तरह से तैयार हैं। बच्चों के संक्रमण की दर वैसे तो कम है लेकिन आगे भी बच्चों की वैक्सीन आने के बाद यह समस्या न के बराबर रहेगी।
मेडिसिन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. जकी सिद्दीकी ने कोविड टीकाकरण के खिलाफ फैली भ्रांतियों का खंडन किया। बताया कि भारत में फिल्हाल तीन वैक्सीनों को मान्यता मिली हुई हैं, जिसमें कोविशील्ड, कोवैक्सीन तथा स्पूतनिक वी शामिल है। ये तीनों ही वैक्सीन पूर्ण रूप से सुरक्षित हैं। इन वैक्सीनों को रिकॉर्ड समय में तैयार करने हेतु वैज्ञानिकों ने दिन रात की मेहनत की है, जिसमें वैक्सीन निर्माण के सभी प्रोटोकॉल का ध्यान रखा गया है। उन्होंने बताया कि वैक्सीन के प्रति हिचकिचाहट केवल भारत में नहीं है, बल्कि अमेरिका जैसे विकसित देश में भी वैक्सीन लगवाने में लोग पीछे हैं। मगर जागरूकता कार्यक्रमों से इस समस्या से निजात मिल सकती है। प्रचार अधिकारी झांसी इकाई के विवेकानंद राजेश ने जानकारी दी कि भारत ने 32 करोड़ 36 लाख 60 हजार वैक्सीन लगाने का मुकाम हासिल कर लिया है।