झांसी। स्वास्थ्य विभाग में दवाओं की खरीद में हुए 70 लाख रुपये का घोटाले की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। मगर कोरोना काल में भी लगातार बहुचर्चित कोविड किट से लेकर कई घोटालों की गूंज सुनाई देती रही। जांच कमेटी भी गठित हुई मगर आरोपी अफसरों पर अब तक गाज नहीं गिरी है। हालांकि, भाजपा विधायकों की तरफ से लगातार शिकायतें की जा रही हैं। ऐसे में कइयों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है।
कोरोना की पहली लहर में कोविड किट घोटाला प्रदेश भर में सुर्खियां बना रहा। कोरोना नियंत्रण के लिए सरकार ने हर ग्राम पंचायत स्तर पर कोविड किट खरीदने के निर्देश दिए थे। झांसी की ग्राम पंचायतों के लिए 479 ऑक्सीमीटर, 479 इंफ्रारेड थर्मामीटर खरीदे गए। ऑक्सीमीटर की कीमत 3349 से 3990 रुपये तक रही। जबकि, बाजार में ब्रांडेड ऑक्सीमीटर दो हजार रुपये कीमत पर आसानी से उपलब्ध होते रहे। इसी तरह, इंफ्रारेड थर्मामीटर 4500 रुपये कीमत तक पर खरीदा गया, जबकि पड़ोसी जनपद ललितपुर में ये महज 1550 से 2966 रुपये के बीच खरीदे गए। प्रदेश भर में इसको लेकर खूब हो-हल्ला हुआ। शासन स्तर तक घोटाले के आरोपों की गूंज पहुंची तो जांच का जिम्मा एसआईटी को सौंप दिया गया। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की तरफ से जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है। वहीं, सदर विधायक रवि शर्मा ने सीधे सीएमओ डॉ. जीके निगम के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि सीएमओ के पास न तो प्रशासनिक क्षमता है और न ही अनुभव। झांसी में लगभग सारी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं, जिसमें सीएमओ की संलिप्तता प्रमुख कारण है। इस मामले की जांच एडी हेल्थ को सौंपी गई। हालांकि, सीएमओ आरोप गलत बताते हुए पारदर्शिता से काम करने की बात कहते रहे हैं। हाल ही में प्रदेश सरकार ने राज्य आपदा मोचक निधि से झांसी को पांच करोड़ रुपये का बजट दिया। इस बजट से कंज्यूमेबिल्स यानी दवा, पीपीई किट, एन-95 मास्क, होम मेडिकल किट, थर्मल स्कैनर, ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदने आदि की अनुमति है। हाल ही में हुई जनप्रतिनिधियों और जिले के अफसरों की बैठक में मऊरानीपुर विधायक ने इस बजट में घालमेल का आरोप लगाया। वह एक अधिकारी पर बिफर भी पड़े। इसकी शिकायत भी शासन स्तर पर की जा रही है। बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा ने मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए सरकार द्वारा बजट देने के बावजूद कम कर्मचारियों की नियुक्ति का सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत की है। इसके अलावा शासन द्वारा नि:शुल्क उपलब्ध कराए जा रहे रेमडेसिविर भी जिला प्रशासन द्वारा जरूरतमंदों को न देने के आरोप लगाते हुए अफसरों पर कार्रवाई की मांग की है।
प्रमुख शहरों पर खरीदे उपकरणों की सूची
शहर ऑक्सीमीटर इंफ्रारेड थर्मामीटर
झांसी 3990 4500
ललितपुर 2250 1829
जालौन 2000 3000
आगरा 1288 1552
अलीगढ़ 1250 1550
प्रयागराज 1160 1580
बरेली 925 1800
बांदा 1200 1600
लखनऊ 1700 2250
वाराणसी 2250 1150
कानपुर 900 1900
गोरखपुर 1352 1700
(नोट: अधिकतम मूल्य के मुताबिक)
ये बोले विधायक
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मौजूदा सीएमओ के रहते हुए स्वास्थ्य विभाग की सभी योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं, जिसमें उनकी भी संलिप्तता है। शासन स्तर पर शिकायत की गई है। कुछ और मामले संज्ञान में आए हैं। उस पर भी कार्रवाई कराऊंगा। - रवि शर्मा, सदर विधायक।
कोविड के दौरान सरकार ने जनता की मदद के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। भरपूर बजट दिया। जो भी खामियां हुईं वो जिले के अफसरों की नाकामियों का नतीजा है। पूरे बजट का ऑडिट कराने के लिए शासन को पत्र लिखा है। - जवाहर राजपूत, गरौठा विधायक।
कोविड किट से लेकर जिले में हो रहे घपले घोटाले में जनपद के एक बड़े अधिकारी की संलिप्तता है। मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है। दोषियों पर जल्द ही कार्रवाई होगी। - राजीव सिंह पारीछा, बबीना विधायक।
आपदा प्रबंधन को आए पांच करोड़ के बजट में कुछ अधिकारी घपला करने की फिराक में हैं। बैठक में भी शिकायत दर्ज करा चुका हूं। यदि मनमानी का प्रयास किया तो बख्शे नहीं जाएंगे। - बिहारी लाल आर्य, मऊरानीपुर विधायक।