Covid corruption SIT file start testing
झांसी। जिले में हुए कोविड घोटाले की फाइल एसआईटी कभी भी तलब कर सकती है। विकास भवन के अधिकारियों ने रिकॉर्ड तैयार करने शुरू कर दिए हैँ। एसआईटी जांच शुरू होने के बाद ही हड़कंप की स्थिति है। इस मामले में कइयों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए शासन के निर्देश पर हर ग्राम पंचायतों को चिकित्सीय उपकरणों की खरीद हुई है। मगर आपदा की इस घड़ी में कुछ लोगों ने कमाई का अवसर ढूंढ लिया। दो हजार रुपये में मिलने वाले ब्रांडेड थर्मल स्कैनर 3500 से 5000 रुपये तक खरीदे गए, वो भी चाइनीज। इसी तरह, कीमत से ढाई गुना दामों पर ऑक्सीमीटर की खरीद हुई। थ्री लेयर मास्क लगभग 720 रुपये में खरीदे गए। ग्लव्स और फेस शील्ड की भी बाजार से ऊंचे दामों पर खरीद की गई। इसी तरह,
एक किट 15 हजार रुपये से अधिक कीमत में खरीदी गई। जबकि, इसकी कीमत सात हजार से अधिक नहीं बताई जा रही है। अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। शासन की तरफ से भी एसआईटी जांच के आदेश दिए जा चुके हैं। सूत्रों ने बताया कि विकास भवन के अधिकारियों ने खरीद के संबंध में दस्तावेज इकट्ठा कर रिकॉर्ड तैयार करना शुरू कर दिया है। एसआईटी जांच के आदेश के बाद हड़कंप की स्थिति है। जिनकी गर्दन फंसी हुई है, उनकी रातों की नींद उड़ी पड़ी है। मामले में कुछ पर गाज गिरनी तय माना जा रहा है।