झांसी। जालौन में जन्मे देश के सबसे वजनी बच्चे की खबर फैलने के बाद डॉक्टरों में इसके कारणों को जानने को लेकर उत्सुकता हो गई है। जेनेटिक समेत इसके कई कारण बताए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि बीते बुधवार को जालौन में जन्मा छह किलो सात सौ ग्राम का नवजात अब तक के इतिहास में देश का सबसे वजनी बच्चा बताया जा रहा है। नार्मल डिलेवरी से बच्चा पैदा होने के बाद उसे इलाज के लिए बुधवार देर रात झांसी लाया गया। मेडिकल कॉलेज के ठीक सामने स्थित एक निजी नर्सिंग होम में बच्चे का इलाज चल रहा है।
इसकी जानकारी मिलने पर बृहस्पतिवार को बाल रोग विभाग के चिकित्सक डॉ. ओम शंकर चौरसिया उसे देखने के लिए नर्सिंग होम पहुंचे। डॉ. चौरसिया ने बताया कि नवजात अपनी मां का नौवां बच्चा है। महिला के सभी बच्चे बड़े हैं। हालांकि, इसका वजन भाइयों के मुकाबले बहुत ज्यादा है।
उन्होंने बताया कि यह जेनेटिक व अन्य कारण से हो सकता है। इसके अलावा प्रसूता के डायबिटीज रोगी होने, थायराइड की कमी होने, एड्रीनल हार्मोंस ज्यादा हो जाने, बच्चे की ग्रोथ के लिए प्रोजेस्टन इंजेक्शन ज्यादा लग जाने के चलते भी बच्चे का वजन इतना बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि 72 घंटे तक ऐसे बच्चों की ब्लड शुगर की निगरानी की जाती है। शुगर की कमी से बचाने के लिए मां के दूध में बाहर से चीनी मिलाकर पिलाना पड़ती है। अब बच्चा स्वस्थ बताया जा रहा है।