तीन स्तरों पर मतगणना केंद्र की सुरक्षा
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पिछले विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान हुए बवाल से सबक लेते हुए इस बार सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। मतगणना स्थल की तीन चक्रों में घेराबंदी की गई है। चप्पे - चप्पे पर सिविल पुलिस व अर्द्ध सैनिक बलों के जवानों की तैनाती की गई है।
2012 के विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान मतगणना स्थल बुंदेलखंड महाविद्यालय में जमकर बवाल हुआ था। सुरक्षा इंतजामातों को धत्ता बताते हुए मतगणना स्थल पर सैकड़ों की संख्या में उपद्रवी दाखिल हो गए थे। इस घटना से सबक लेते हुए इस बार सुरक्षा के चाक चौबंद बंदोबस्त किए गए हैं। इस बार अर्द्ध सैनिक बलों की दो कंपनी लगाई गई हैं। जबकि, पिछले बार एक कंपनी ही थी। इसके अलावा सिविल पुलिस के 722 सिपाहियों की तैनाती की गई है, पिछले बार तीन सौ सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई थी। साथ ही एक कंपनी पीएसी, 172 सब इंस्पेक्टर, 18 इंस्पेक्टर, छह सीओ और दो एडिशनल एसपी को मतगणना केंद्र की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है।
मतगणना केंद्र से डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर सभी रास्तों पर बैरियर बनाए गए हैं, जिन पर सिविल पुलिस के अलावा अर्द्ध सैनिक बलों के जवान भी मौजूद रहेंगे। जबकि, पिछली बार सिविल पुलिस ही बैरियर पर मोर्चा संभाले थे, जिससे उपद्रवियों के लिए बैरियर तोड़कर अंदर दाखिल होना बेहद आसान हो गया था।
सुरक्षा के पुख्ता हैं इंतजाम
मतगणना केंद्र की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। चप्पे - चप्पे पर पुलिस व अर्द्ध सैनिक बलों के जवानों की तैनाती की गई है। मतगणना में बाधा पहुंचाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। पिछले विधानसभा चुनाव में हुई घटना की पुनरावृत्ति किसी भी दशा में नहीं होने दी जाएगी।
- अखिलेश चौरसिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक