यूपी बोर्ड की 16 मार्च से शुरू हो रही हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा नकल विहीन बिना बाधा के पूरी कराने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के प्रमुख सचिव माध्यमिक जितेंद्र कुमार ने परीक्षा व्यवस्था से जुड़े शिक्षाधिकारियों से विधानसभा चुनाव की भांति सख्त एवं शांतिपूर्वक बोर्ड परीक्षा कराने का निर्देश दिया। वह शुक्रवार को बोर्ड मुख्यालय में परीक्षा पूर्व बुलाई गई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान 60 फीसदी से अधिक जिम्मेदारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने पूरी की है। ऐसे में बोर्ड परीक्षा को शुचिता पूर्वक पूरी कराना उनके लिए कोई कठिन काम नहीं है।
परीक्षा के दौरान केंद्र पर प्रबंधकों का प्रवेश वर्जित
परीक्षा से जुड़े अधिकारियों से प्रमुख सचिव ने कहा कि वरिष्ठ शिक्षाधिकारियों को मंडल पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है, जो परीक्षा के दौरान सघन निरीक्षण करेंगे। परीक्षा के दौरान केंद्र पर प्रबंधकों का प्रवेश वर्जित रहेगा। जिस विषय की परीक्षा है, उस दिन उस विषय के अध्यापक की ड्यूटी नहीं लगेगी। इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन की तरफ से 10-12 परीक्षा केंद्रों पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है। इसके साथ अति संवेदनशील केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए जाएंगे।
नकल के लिए बदनाम केंद्रों पर विशेष निगरानी
माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के सभापति एवं निदेशक माध्यमिक शिक्षा अमर नाथ वर्मा ने बैठक में मौजूद मंडल एवं जिले के सभी संयुक्त शिक्षा निदेशकों, उप शिक्षा निदेशकों एवं जिला विद्यालय निरीक्षकों के साथ परीक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि नकल के लिए चर्चित क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाए। निदेशक ने प्रश्नपत्रों की शुचिता बनाए रखने के साथ नकल पर सख्ती से रोक लगाने का निर्देश दिया। नकल कराने की कोशिश करने वालों के खिलाफ एफआईआर कराने का निर्देश दिया गया है। सचल दस्ते परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करें। सचल दल में शामिल पुरुष सदस्य बालिकाओं की तलाशी नहीं ले सकती। सचल दल में महिला निरीक्षण कर्ता की व्यवस्था अनिवार्य की गई है।
प्रश्नपत्रों की संख्या जांच लें, कम प्रश्नपत्र होने पर सूचना बोर्ड को दें
समीक्षा बैठक के दौरान बोर्ड की सचिव शैल यादव ने जिला विद्यालय निरीक्षकों एवं संयुक्त शिक्षा निदेशकों से कहा कि वह केंद्रवार प्रश्नपत्रों की स्थिति की समीक्षा कर लें। प्रश्नपत्र कम होने की स्थिति में उसकी सूचना बोर्ड को देकर पूरक प्रश्नपत्र ले लें। किसी भी दशा में प्रश्नपत्र के अभाव में परीक्षा नहीं छूटनी चाहिए। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रश्नपत्रों की कमी पूरी करके इसकी सूचना बोर्ड को दें।
अंग्रेजी माध्यम के परीक्षार्थियों के लिए अलग पर्चा
अंग्रेजी माध्यम के हाईस्कूल के परीक्षार्थियों के लिए अलग प्रश्नपत्र छपवाए गए हैं। केंद्र व्यवस्थापक अंग्रेजी माध्यम के परीक्षार्थियों के लिए प्रश्नपत्रों के पैकेट का मिलान केंद्र नामावली से कर लें। अंग्रेजी माध्यम की उत्तर पुस्तिकाओं का बंडल अलग तैयार करवाया जाए।
बोर्ड परीक्षा में 60.61 लाख परीक्षार्थी
यूपी बोर्ड सचिव शैल यादव ने बताया कि 2017 की बोर्ड परीक्षा में कुल 6061034 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। इसमें हाईस्कूल में 3230027 संस्थागत, 174688 व्यक्तिगत कुल 3404715 परीक्षार्थी हैं। इंटरमीडिएट में 2475621 संस्थागत, 180698 व्यक्तिगत कुल 2656319 परीक्षार्थी हैं।