झांसी। राजस्थान के कोटा से झांसी लौटे 130 छात्र-छात्राओं की कोरोना वायरस की जांच होगी। अभी सभी विद्यार्थियों को होम आइसोलेशन में भेज दिया गया है। इसके अलावा रोडवेज बस के ड्राइवर, कंडक्टर, पुलिस कर्मचारियों को पैरामेडिकल कॉलेज में क्वारंटीन कर दिया गया है। इन सभी के सैंपल भी जांच के लिए भेजे जाएंगे।
कोटा को देश की मुख्य कोचिंग हब के तौर पर जाना जाता है। देश भर से लाखों छात्र-छात्राएं डॉक्टर, इंजीनियर आदि बनने का सपना सजोकर कोटा कोचिंग करने के लिए जाते हैं। कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन में यातायात सेवाएं बंद हो जाने के कारण छात्र-छात्राएं कोटा में ही फंसकर रह गए थे। इन्होंने अपने घर लौटने के लिए सोशल मीडिया पर मुहिम छेड़ रखी थी। प्रदेश सरकार तक इसकी जानकारी पहुंची तो विद्यार्थियों को लाने के लिए यूपी परिवहन निगम की बसें लगा दी गईं।
झांसी डिपो की 105 बसें शनिवार को सुबह से देर रात तक ढाई हजार छात्र-छात्राओं को लेकर लौटीं। इनमें झांसी के 130 और मंडल के सवा दो सौ विद्यार्थी शामिल हैं। इसके अलावा प्रयागराज, कानपुर, चित्रकूट मंडल के सर्वाधिक और पूर्वांचल के भी विद्यार्थी शामिल रहे। झांसी में उतरने पर सभी छात्रों की स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद उन्हें होम आइसोलेशन में भेज दिया गया। बताया गया कि अब सभी विद्यार्थियों की कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए जाएंगे, क्योंकि कई मरीजों में लक्षण न होने के बाद भी कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। इसके अलावा छात्रों को लेने गए बस ड्राइवर, कंडक्टर और पुलिस कर्मचारियों के भी सैंपल लिए जाएंगे।