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संक्रमण का एक साल: कोरोना से लड़ रहे, जूझ रहे और जीत रहे हैं झांसी वाले

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झांसी। अब से ठीक एक साल पहले कोरोना वायरस के संक्रमण ने झांसी की धरती पर दस्तक दी थी। 27 अप्रैल 2020 को कोरोना का पहला मामला सामने आया था। 59 वर्षीय एक महिला में इस महामारी का संक्रमण पाया गया था। तब से लेकर अब तक एक साल में महामारी जिले के 23,988 लोगों को अपनी चपेट में ले चुकी है। इस दरम्यान संक्रमण से झांसी वाले खूब लड़े। यह लड़ाई अभी तक जारी है। सभी लोग जज्बे के साथ संक्रमण को मात दे रहे हैं। हालांकि कारोबार को बड़ा नुकसान भी हुआ लेकिन झांसी वालों ने हौसला बनाए रखा।
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कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के लिए पिछले साल सरकार की ओर से 25 मार्च को लॉकडाउन लागू किया गया था। इसके अगले एक माह तक झांसी इस संक्रमण से पूरी तरह से मुक्त बना रहा। 27 अप्रैल को कोरोना का पहला मरीज सामने आया। इसके बाद से जून माह तक रोजाना इक्का- दुक्का मरीज सामने आते रहे। एक जुलाई से अनलॉक प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही कोरोना वायरस के संक्रमण ने रफ्तार पकड़ ली। दिसंबर तक यही स्थिति बनी रही। इसके बाद इस साल के जनवरी और फरवरी माह में संक्रमण की रफ्तार एकदम मंद पड़ गई। मार्च से एक बार फिर इसमें तेजी देखने को मिली। जबकि, अप्रैल में इसकी रफ्तार बेकाबू हो चली। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अप्रैल के 27 दिनों में ही 13,217 नए मरीज सामने आ चुके हैं, जबकि 61 संक्रमित जान गवां चुके हैं। हर आयु वर्ग के लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। हर ओर हाहाकार की स्थिति मची हुई है। अस्पतालों में आसानी से पलंग नहीं मिल पा रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी से सांसें थम रहीं हैं। जरूरी दवा व इंजेक्शनों का टोटा बना हुआ है। महामारी की वजह से अफरा-तफरी का माहौल है। लोग दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं।
महामारी ने कारोबार की भी कमर तोड़कर रख दी है। पहले लॉकडाउन की वजह से तीन माह से अधिक समय तक लगातार कारोबारी गतिविधियां ठप पड़ी रहीं। इसके बाद प्रतिबंधों के साथ बाजार खुले। कारोबार ने थोड़ी रफ्तार भरी ही थी कि एक बार फिर संक्रमण हावी हो गया। बाजारों को रात्रिकालीन व साप्ताहिक कर्फ्यू से दो-चार होना पड़ रहा है। सहालग के सीजन में भी कारोबार मंदा पड़ा हुआ है। इन हालातों में जिले में कारोबार को एक हजार सात सौ करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। कारोबार को हुए नुकसान का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कोरोना काल से पहले सरकार को स्टेट जीएसटी से प्रतिमाह लगभग साठ करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता था, जो घटकर 30-35 करोड़ रुपये के इर्दगिर्द पहुंच गया है। कारोबार घटने से रोजगार भी बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं।
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16 हजार दे चुके हैं कोरोना को मात
झांसी। जिले में एक साल में कोरोना के 23,988 मरीज सामने आ चुके हैं। लेकिन, इनमें से 16,064 इस महामारी को मात देकर पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं। इनमें से 4,829 मरीज बगैर अस्पताल जाए घर (होम आइसोलेशन) में ही ठीक हो चुके हैं। मंगलवार को ही 958 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। इनमें से 624 मरीजों का होम आइसोलेशन पूरा हुआ। जबकि, 334 को अस्पतालों से डिस्चार्ज किया गया।
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27 अप्रैल 2020 को कोरोना का पहला मामला सामने आने के बाद झांसी में इस रफ्तार से बढ़ी संक्रमितों की संख्या और मौत के आंकड़े
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माह संक्रमित मौत
27 मई 35 5
27 जून 148 15
27 जुलाई 1,965 60
27 अगस्त 4,130 98
27 सितंबर 7,097 149
27 अक्तूबर 8,283 165
27 नवंबर 9,460 171
27 दिसंबर 10,067 173
27 जनवरी 10,395 174
27 फरवरी 10,459 174
27 मार्च 10,690 174
27 अप्रैल 23,988 235
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