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कोरोना के कहर से कराह रहे हैं झांसी के गांव

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झांसी। कोरोना वायरस के संक्रमण से झांसी के गांव कराह रहे हैं। जी हां, महामारी बेकाबू रफ्तार ग्रामीण इलाकों पर अपना शिकंजा कसती जा रही है। हालात ये है कि ग्रामीण इलाकों के कमोबेश हर घर को संक्रमण अपने दायरे में ले चुका है। लगातार हो रही मौतों से ग्रामीण दहशत में हैं। पंचायत चुनाव के बाद से हालात और भी बिगड़ गए हैं। बावजूद, प्रशासन संक्रमण की रफ्तार थाम नहीं पा रहा है। यहां तक कि कोरोना जांच की गति भी बेहद धीमी है।
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कोरोना की पहली लहर में जिले के ग्रामीण इलाके महफूज रहे थे। लेकिन, दूसरी लहर ने शहर की पॉश कॉलोनियों से लेकर गांव की पगडंडियों तक का सफर बेकाबू रफ्तार के साथ तय कर लिया है। पंचायत चुनाव के बाद ग्रामीण इलाकों में कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या में बेतहाशा रूप से बढ़ोत्तरी हुई है। हालाता ये हैं कि कमोबेश हर घर में ये महामारी अपनी जड़ें जमा चुकी हैं। संक्रमितों की मौत के बाद चीख-पुकार और करुण क्रंदन गांव की शांति में दहशत घोल देती हैं। ग्रामीण इलाकों में हाल ही में एक सैकड़ा से अधिक लोगों को ये महामारी मौत के आगोश में सुला चुकी है। ग्रामीणों के घर मरीजों की मौजूदगी की वजह से ‘क्वारंटीन सेंटरों’ में तब्दील होते जा रहे हैं। गलियों में सन्नाटा पसरा रहता है और चौपालें दिन भर सूनी पड़ी रहती हैं। जबकि, ग्रामीण इलाकों में बने आइसोलेशन सेंटर फुल चल रहे हैं। ज्यादातर ग्रामीण सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं। ऐसे में मजबूरी में उन्हें अपना इलाज खुद करना पड़ रहा है। मेडिकल स्टोरों से दवाई खरीदकर वे कोरोना से जंग लड़ रहे हैं।
गरौठा में 26 मरीज सक्रिय
छोटे से कस्बे गरौठा में कोरोना संक्रमितों की भरमार है। यहां पर अब तक 75 मरीज कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। जिसमें 26 मरीज अभी भी सक्रिय हैं। जबकि एक वृद्ध की मौत हो गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्साधिकारी डॉ. विवेक कुमार सोनी ने बताया है कि वर्तमान में पंचायत चुनाव के चलते ग्रामीण क्षेत्रों मे दूरदराज से आए लोगों की वजह से कोरोना वैश्विक महामारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से दस्तक दी थी।
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बरुआसागर में अब तक मिले 329 संक्रमित
बरुआसागर और आसपास के गांव फु टेरा, तेंदोल, कोलवा, तिलेथा, बनगुआं, सारोल, घुघुआ समेत कई गांवों में अब रोजाना कोरोना संक्रमित पाए जा रहे हैं। एक अप्रैल से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 2220 लोगों की कोविड जांच की गई है। जिसमें 329 लोग संक्रमित पाए गए हैं। 40 लोग अभी होम आईसोलेशन में हैं, जबकि 20 मरीज बरुआसागर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कोविड एल-1 अस्पताल में भर्ती हैं। जिनका इलाज किया जा रहा है जबकि 229 लोग ठीक हो चुके हैं। इसके अलावा 15-20 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां भी अगर ग्रामीण क्षेत्रों में अलग से उप स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच कराई जाए तो ज्यादा संख्या भी हो सकती है।
बंगरा और रानीपुर क्षेत्र में हर घर मरीज
जिले के बंगरा और रानीपुर में कोरोना संक्रमण के चलते हर घर में मरीज हैं। बंगरा सीएचसी पर अब तक 146 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। साथ ही अब तक 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यहां रानीपुर, मगरपुर, धनाई, कचनेव, सकरार, बंगरा, सनौरा, पलरा, नोटा, तेजपुरा, चौकरी, रतौसा, कटेरा, बिजना, बासांर, उल्दन क्षेत्र में संक्रमितों की खासी तादाद है। वहीं, रानीपुर सीएचसी पर मौजूदा समय में चार संक्रमित भर्ती हैं। यहां के गांव लहरगांव, टिकरी, देवरीसिंहपुरा, गुढ़ा समेत तमाम गांवों में संक्रमण का कहर है।
गुरसराय में भी हालात खराब
जिले के गुरसराय क्षेत्र में भी संक्रमण की रफ्तार तेज हो गई है। यहां अब तक 220 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। जिसमें 141 मरीजों के ठीक होने के साथ दो मरीजों को झांसी रेफर किया गया है। जबकि, मौजूदा समय में 78 मरीज सक्रिय संक्रमित हैं। सरकारी आंक ड़ों के मुताबिक यहां एक मौत हुई है। जबकि, पूरे क्षेत्र में करीब 30 लोग दम तोड़ चुके हैं।
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