झांसी। मंद पड़ चुकी कोरोना वायरस के संक्रमण की रफ्तार में एक बार फिर से तेजी देखने को मिल रही है। नए मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। इसके साथ ही प्रशासन सतर्क हो गया है। हालातों से निपटने के लिए बंद किए जा चुके जिले के सभी एल-1 अस्पतालों को एक बार फिर से संचालित करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा सर्विलांस टीमों को भी सतर्क कर दिया गया है।
कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा एक बार फिर से बढ़ गया है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले 16 दिनों के भीतर 45 लोगों में इस महामारी की पुष्टि हुई है। एक मार्च के बाद से लगातार नए मरीज सामने आने का सिलसिला जारी है। बुधवार को दो हजार सैंपलों की जांच हुई, जिनमें से पांच में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। ये नए मरीज वीरांगना नगर, सदर बाजार व भेल खैलार में मिले हैं।
लगातार बढ़ते मामलों के चलते प्रशासन सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने आगामी चुनौतियों से निपटने के लिए सभी एल - 1 इकाइयों को पूरी क्षमता के साथ चलाने के निर्देश दिए हैं। इनमें कैंट, रेलवे, पैरामेडिकल, बड़ागांव, बरुआसागर, हाईटेक अस्पताल, जर्मनी अस्पताल व मेडिकल कॉलेज का 230 बेड का अस्पताल शामिल है।
इन सभी अस्पतालों में स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी दशा में कोरोना की वजह से किसी की मृत्यु न हो।
मास्क लगाना अनिवार्य, होगी सख्ती
झांसी। बुधवार को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी आंद्रा वामसी की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें उन्होंने मास्क लगाना अनिवार्य करने के निर्देश दिए। इसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को भी कहा है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में आने वाले मरीजों की एंटीजन जांच जरूर हो। सरकारी अस्पतालों सहित आठ प्राइवेट अस्पतालों में रविवार को छोड़कर रोज वैक्सीनेशन किया जाए। रेलवे व मिलिट्री हॉस्पिटल में टीकाकरण शुरू किया जाए। फोकस सैंपलिंग के तहत ऑटो चालक, बस चालक व मलिन बस्तियों में जांच की जाए। बैठक में नगर आयुक्त अवनीश कुमार राय, एडीएम बी प्रसाद, नगर मजिस्ट्रेट सलिल पटेल, एसीएम वान्या सिंह, कोविड नोडल अधिकारी डा. अंशुल जैन आदि मौजूद रहे।
अब तक मिले 10,506 मरीज
झांसी। जिले में कोरोना वायरस का पहला मामला 27 अप्रैल 2020 को सामने आया था। 59 वर्षीय एक महिला में इस महामारी का संक्रमण पाया गया था। अब तक 10,506 लोगों में महामारी की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि, इनमें से 10,303 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। जबकि, 174 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। वर्तमान में जिले में 29 सक्रिय संक्रमित हैं।