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कोरोना को छोड़कर दूसरी बीमारियों का इलाज बंद

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झांसी। कोरोना वायरस को छोड़कर इन दिनों दूसरी बीमारियों का इलाज लगभग बंद हो गया है। सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद चल रही है। वहीं, कई नर्सिंगहोमों ने भी अपने यहां ओपीडी में मरीज देखना बंद कर दिया है। इस कारण मरीजों को बहुत परेशानी हो रही है। कइयों का तो दूसरे प्रदेशों में इलाज चल रहा था, वे बढ़ते संक्रमण, जनता कर्फ्यू आदि कारणों से दिखाने नहीं जा पा रहे हैं।
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20 लाख की आबादी वाले झांसी जिले में गंभीर रोगों की चपेट में लगभग 15 फीसदी लोग हैं। पथरीली धरती होने के कारण स्टोन व उसके बाद संक्रमण होने से झांसी ही नहीं पूरे बुंदेलखंड में किडनी रोगियों की संख्या बहुत अधिक है। मधुमेह व हाइपरटेंशन होने और दर्द निवारक गोलियों का अधिक इस्तेमाल करने से भी किडनी रोग होता है। वहीं, तंबाकू का अधिक सेवन करने के कारण कैंसर ने भी बड़ी आबादी को अपनी चपेट में ले रखा है। इसके अलावा टीबी, अस्थमा, सीओपीडी, हृदय, हाइपरटेंशन से पीड़ित रोगियों की संख्या मिलाकर तीन लाख के आसपास है।
चूंकि, कोरोना की दूसरी लहर पांच गुना तेज है। ऐसे में संक्रमितों से सरकारी अस्पताल तो खचाखच भरे पड़े हैं। वहीं, दो दर्जन से अधिक नर्सिंगहोमों को भी कोविड अस्पताल बना दिया गया है, ऐसे में यहां पर कोरोना के मरीज भर्ती हो रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में तो शासन के आदेश पर ओपीडी बंद चल रही है, दूसरी तरफ निजी अस्पतालों में ज्यादातर डॉक्टरों ने ओपीडी खुद से बंद कर दी है। इन हालातों में गंभीर रोगियों का इलाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मेडिकल कॉलेज में कैंसर रोगियों की कीमोथेरेपी बंद चल रही है। वहीं, बढ़ते संक्रमण के चलते मरीज दूसरे शहर भी इलाज कराने के लिए नहीं जा पा रहे हैं।
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केस-1
सिविल लाइन निवासी एक युवक का दिल्ली में कैंसर का इलाज चल रहा है। लॉकडाउन के कारण वह जा नहीं पा रहे हैं। झांसी में भी वह डॉक्टर को दिखाने पहुंचे तो ओपीडी बंद मिली। ऐसे में उनका इलाज प्रभावित हो गया है।
केेस-2
सीपरी बाजार निवासी वृद्ध किडनी की बीमारी से ग्रसित हैं। निजी अस्पताल में उनकी डायलिसिस चल रही है। मगर कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते अभी डॉक्टर ने कुछ दिन बाद डायलिसिस कराने के लिए आने को कहा है।
केस-3
सिविल लाइंस में एक व्यक्ति की किडनी खराब है। डायलिसिस नहीं हो पा रही है। ग्वालियर में इलाज चल रहा था मगर वहां भी अब सारा अस्पताल कोविड का हो गया है लिहाजा इलाज कराए भी तो कहां।
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ये हैं रोगियों के आंकड़े
जिले की आबादी - 20 लाख
मधुमेह रोगी - 1.50 लाख
हृदय रोगी - 50 हजार
किडनी रोगी - 50 हजार
अस्थमा रोगी - 30 हजार
सीओपीडी रोगी - 20 हजार
कैंसर रोगी - 20 हजार
क्षय रोगी - 10 हजार
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