झांसी। कोरोना वायरस की वैक्सीन लगने के बाद लाभार्थी को 30 मिनट तक निगरानी कक्ष में रखा जाएगा। टीका लगने के बाद किसी भी तरह की परेशानी होने पर लाभार्थी को महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में बने एडवर्स इफेक्ट फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन (एईएफआई) वार्ड में ले जाया जाएगा। जहां तीन सीनियर डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है।
किसी भी तरह की वैक्सीन लगाने के बाद मामूली समस्याएं होती रहती हैं। जैसे सिरदर्द, बुखार आना आदि। मगर इसको लेकर किसी भी तरह घबराने की जरूरत नहीं है। टीकाकरण एक सामान्य प्रक्रिया है, जो कि बच्चे के जन्म के बाद से ही शुरू हो जाती है। बच्चों को भी टीका लगाने के बाद कभी-कभार बुखार आदि हो जाता है, जो कि कुछ ही समय में ठीक हो जाता है। मगर जो टीका उसे लगाया जाता है, वो जीवन भर संबंधित वायरस से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर देता है। कोरोना का टीका भी लोगों में महामारी के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए लगाया जा रहा है। 28 दिन में दो बार टीका लगाया जाएगा। इसके बाद व्यक्ति के अंतर एंटीबॉडी विकसित हो जाएगी, जो कि महामारी से बचाव करती रहेगी। शनिवार से शुरू होने वाले टीकाकरण को लेकर मेडिकल कॉलेज में हर तरह की तैयारियां कर दी गई हैं। बताया गया कि कॉलेज में एक एईएफआई वार्ड बनाया गया है। टीका लगाने के बाद आधे घंटे तक लाभार्थी को निगरानी कक्ष में रखा जाएगा। यदि किसी भी तरह की मामूली समस्याएं सामने आती हैं, तो तुरंत मरीज का उपचार होगा। डॉ. रामबाबू, डॉ. अरविंद कनकने और डॉ. मधुर्मय शास्त्री की ड्यूटी वार्ड में लगाई गई है।