तीसरी लहर को लेकर सतर्क हुईं मम्मियां, बच्चों पर लगीं सख्त पाबंदियां
झांसी। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से महानगर में हुई मौतों की चिताओं की आग अभी तक ठंडी नहीं हो सकी है, कि कोरोना की तीसरी लहर की चेतावनी ने लोेगों को बेचैन कर दिया है। क्योंकि इसे बच्चों के लिए खतरा बताया जा रहा है लिहाजा मम्मियां अभी से सतर्क हो गईं। बच्चों पर और सख्त पाबंदियां लगा दी गईं हैं। इतना ही नहीं बच्चों को घरों में रोकने के लिए उनकी इच्छाओं को भी पूरा किया जा रहा है। कोविड-19 की तीसरी लहर के चलते स्वास्थ्य विभाग के साथ ही जिला प्रशासन भी चौकन्ना हो गया है। जिसके चलते प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। प्रशासन द्वारा निजी व सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों के साथ बैठकों का दौर शुरू हो गया है। इसके लिए शहर के लगभग 20 निजी अस्पतालों को अधिग्रहीत भी कर लिया गया है। वहीं, सभी सरकारी व गैर सरकारी चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जाने लगा है। जिला प्रशासन द्वारा लगातार लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना की तीसरी लहर का अटैक बच्चों पर बताया जा रहा है। इसके चलते महानगर में रहने वालीं माताओं को अपने बच्चों के स्वास्थ्य की चिंता सताने लगी है। तीसरी लहर की आशंका से माताएं इतनी खौफजदा है कि उन्होंने अपने बच्चों को घरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना की तीसरी लहर बच्चों को निशाना बनाएंगी। जिसके चलते बच्चों को घरों से निकलने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। घर में रहकर ही बच्चों के साथ समय व्यतीत कर रहे हैं। सीमा, पीतांबरा कॉलोनी
कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर काफी लोग मौत के आगोश में समा गए है। खतरा कम हुआ ही नहीं था अब तीसरी लहर ने परेशानी में डाल दिया है। अब बच्चों को बिल्कुल भी बाहर नहीं भेज रहे हैं। सोनिया रजक, गोंदू कंपाउंड