झांसी। गेहूं खरीद भी कोरोना संक्रमण की मार से अछूती नहीं रह गई। खरीद प्रक्र्रिया से सीधे जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारियों के बड़ी संख्या में संक्रमित हो जाने से क्रय केंद्रों से गोदामों तक गेहूं नहीं पहुंच पा रहा है। खरीद होने के बाद सेंटर पर इस समय करीब 30 हजार मीट्रिक टन गेहूं उठान के इंतजार में पड़ा है।
मंडल के 260 क्रय केंद्रों में गेहूं खरीद चल रही है लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते किसानों में अधिक उत्साह नहीं दिखता। पहले पंचायत चुनावों की वजह से पंद्रह अप्रैल तक खरीद बेहद सुस्त रही। मतदान खत्म होने के बाद अचानक से कोरोना संक्रमण की रफ्तार कई गुना तेज हो गई। इस वजह से काफी कम अनुपात में खरीद हो सकी है। दो दिनों के कर्फ्यू ने खरीद पर बुरा असर डाला है। मंडल में अभी तक करीब 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद हो चुकी है। सर्वाधिक खरीद जालौन में हुई जबकि झांसी जनपद तीसरे स्थान पर है। लेकिन, इधर जितनी खरीद हुई वह पूरा गेहूं क्रय केंद्रों पर ही पड़ुा है। उसे एफसीआई गोदाम तक नहीं पहुंचाया जा सका। कोरोना संक्रमण के चलते बड़ी संख्या में मजदूर भी संक्रमित हैं। इसका सीधा असर गेहूं उठान पर पड़ रहा है। मंडल के विभिन्न क्रय केंद्रों में कुल करीब 30 हजार मीट्रिक टन गेहूं बाहर ही पड़ा हुआ है। उधर, कोरोना संक्रमण के चपेट में बड़ी संख्या में अधिकारी भी आ चुके हैं। आरएफसी नरेंद्र कुमार का भी कहना है कोरोना संक्रमण के चलते गेहूं खरीद पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इस वजह से मजदूर भी नहीं मिल रहे। उठान भी नियमित नहीं हो रहा है।
खरीद से जुड़े चार अफसरों की की मौत, सोलह संक्रमित
गेहूं खरीद शुरू होने के बाद खरीद प्रक्रिया से सीधे जुड़े चार अधिकारियों की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई। एसडब्ल्यूसी के मैनेजर अजित कुमार की कल मौत हो गई जबकि इसी तरह एक विपणन सहायक अधिकारी समेत पीसीएफ के दो अधिकारी भी खरीद आरंभ होने के बाद संक्रमण की चपेट में आए और उनकी मौत हो गई। अभी भी पीसीएफ एवं आरएफसी के कुल 16 अधिकारी-कर्मचारी कोरोना संक्रमित हैं। इसके चलते गेहूं खरीद पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।