झांसी। परिजन आए तो थे बच्चे के गले में फंसा सिक्का निकलवाने मगर पर्चा बनते समय कोरोना की जांच हुई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। इमरजेंसी हालात देखते हुए डॉक्टरों ने भी बच्चे के ऑपरेशन में देरी नहीं की। कोविड आईसीयू में ले जाकर उसके गले में फंसा सिक्का निकाल दिया। अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है।
मऊरानीपुर के रहने वाले अरुण के सात साल के बेटे सागर ने खेलते-खेलते मुंह में पांच का सिक्का निगल लिया था। इसकी जानकारी होने पर परिजन घबरा गए। बच्चे को खानपान में भी तकलीफ होने लगी। साथ ही बेचैनी भी शुरू हो गई। आनन-फानन में परिजन उसे लेकर महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां पर पर्चा बनाते समय कोरोना की जांच कराई गई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। डॉक्टरों ने बच्चे की हालत देखकर कोविड अस्पताल में भर्ती कर तत्काल उपचार शुरू कर दिया। बच्चे का एक्सरे कराया गया तो जांच में गले में सिक्का फंसा हुआ दिख गया। डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन करने का फैसला लिया। चिकित्सकों ने कोविड आईसीयू में बच्चे की सर्जरी कर सिक्का निकाल लिया। कोविड के नोडल अधिकारी डॉ. अंशुल जैन ने बताया कि बच्चा कोरोना संक्रमित होने के बाद भी चिकित्सकों ने इमरजेंसी हालातों में तत्काल बच्चे की सर्जरी की है। ऑपरेशन सफल रहा है। अब बच्चे को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं है। वह सबकुछ खा-पी रहा है।