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जरा सी खांसी आने पर पति से दूरी बना ली, बच्चों को भी पिता के पास नहीं जाने दिया

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corona fobia
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झांसी। कोराना वायरस का खौफ अब कलह की वजह बनने लगा है। कुछ लोग तो इस कदर डर गए हैं कि खुद को घर में कैद कर लिया है। इनमें महिलाओं की संख्या ज्यादा है। मनोचिकित्सकों की माने तो कुछ इस प्रकार के मामले भी सामने आए हैं जहां महिलाओं ने परिवार के दूसरे लोगों से भी दूरी बना ली है। इससे घर वाले परेशान हैं।
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कोरोना वायरस से ज्यादा इसका फोबिया (भय) लोगों के दिमाग पर हावी हो गया है। फोबिया की वजह से लोगों के स्वभाव में बदलाव आया है। किसी ने बार-बार घर के बाहर जाने वाले परिजन का कमरा ही अलग कर दिया है तो कोई जरा सी खांसी को कोरोना समझने लगा है। मनोचिकित्सकों का कहना है कि पहले से स्वास्थ्य संबंधी घबराहट महसूस करने वालों की ज्यादा चिंता बढ़ गई है।
पहले वायरल को कोई भी गंभीरता से नहीं लेता था। लेकिन कोरोना वायरस के दौर में कोविड से इसके लक्षण मिलते-जुलते होने की वजह से कई लोग बहुत अधिक चिंतित महसूस करने लगे हैं। जरा सी भी खांसी होने पर वह सीधे चिकित्सीय परामर्श लेने के लिए दौड़ पड़ते हैं। कोरोना का खौफ इस कदर कुछ लोगों पर हावी है कि वह घर से जितनी बार बाहर जाते हैं, उतनी बार नहाते हैं। यही नहीं, हर बार बाहर से लौटने वाले अपने परिजनों को भी नहाने के लिए बोलते हैं। मनोचिकित्सकों के पास इस तरह के केस रोज पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पहले से स्वास्थ्य संबंधी घबराहट महसूस करने वाले लोगों में इस बीमारी को लेकर ज्यादा चिंताएं हैं। वह बहुत ज्यादा साफ-सफाई का ध्यान देने लगे हैं। उनके मन में यह बीमारी होने की आशंका हर समय बनी रहती है।
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पहले से ही स्वास्थ्य संबंधी घबराहट महसूस करने वाले लोगों में कोरोना को लेकर बेवजह का डर बना हुआ है। इस बीमारी से सिर्फ सतर्क रहने की जरूरत है, डरने की नहीं। लोगों को समझना चाहिए कि कोरोना से मृत्यु दर बहुत कम है। यदि पहले से कोई बड़ी बीमारी नहीं है तो कोरोना होकर भी ठीक हो जाएंगे। भारत में इस बीमारी का रिकवरी रेट भी बहुत अच्छा है। लोग अपनी दिनचर्या बदलें और व्यस्त रहें। योग, व्यायाम आदि को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। दूसरों से अपने विचारों को व्यक्त करें। धीरे-धीरे बेवजह का भय खत्म होने लगेगा। - डॉ. अमन किशोर, मनोचिकित्सक।
केस-1
सीपरी बाजार निवासी 55 वर्षीय व्यक्ति को हल्की सी खांसी हुई तो उन्हें लगा कि वह कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। उन्होंने खुद को अलग कमरे में कैद कर लिया। डॉक्टर से बातचीत की तो उन्होंने कुछ दवाएं खाने को कहीं। एक ही दिन में उनकी खांसी दूर हो गई। डॉक्टर ने जब उनसे खानपान के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि रात में फ्रिज से निकला ठंडा दही खा लिया था। डॉक्टर ने उन्हें समझाया कि इसी वजह से खांसी हो गई होगी। बेवजह डरने की जरूरत नहीं है।
केस-2
फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी युवक पर कोरोना का फोबिया इस कदर हावी हुआ कि वह जितनी बार बाहर से घर आता, उतनी बार नहाता। यही नहीं, परिवार के भी जो लोग बाहर से आते उन्हें भी नहलाता। एक दिन रात को लौटने पर उसने एक साल के छोटे बच्चे को भी नहला दिया। घर पर पत्नी से उसका झगड़ा भी हुआ। उसने पत्नी से कहा कि कोरोना वायरस के दौर में बाहर से आकर नहाना जरूरी है। उसे डर रहता है कि कहीं वह और परिजन कोरोना की चपेट में न आ आएं।
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