दरोगा बनने की चाह में नियमों को ताक पर रखना 23 सिपाहियों को भारी पड़ गया। इन सिपाहियों ने बीमारी का बहाना बनाकर छुट्टी ली और दरोगा की परीक्षा देने पहुंच गए। दरोगा परीक्षा खत्म होने के बाद इन सिपाहियों ने आमद कराई। आंतरिक जांच कराने मेंं इन सिपाहियों की पोल खुल गई। एसएसपी ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक साथ सभी 23 सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में सिपाहियों के निलंबन ने पुलिस महकमे में खलबली मचा दी।
14 एवं 15 मार्च को दरोगा पद की सीधी भर्ती के लिए लिखित परीक्षा कराई गई थी। इस परीक्षा में बिना विभागीय इजाजत लिए गुपचुप तरीके से कई सिपाही भी शामिल हो गए। अधिकांश सिपाहियों ने खुद को बीमार बताते हुए एक महीने पहले से छुट्टी ली थी जबकि इस दौरान होली, ईद जैसे अहम आयोजन भी पड़े।
इस तरह से छुट्टी लेने वालों में दुर्गेश सिंह सीपरी बाजार, आशीष कुमार सीपरी बाजार, रूप सिंह अभियोजन, श्याम सुंदर गुरसराय, अनुपम शुक्ला पूछ, विकास कुमार बरुआसागर, जीतू यादव सदर बाजार, सिनोज कुमार पुलिस लाइन, राहुल कुमार गुरसराय, लवकुश पुलिस लाइन, अनीशा राजपूत पूछ, खुशबू शर्मा नवाबाद, बलवीर सिंह पुलिस लाइन, लव शर्मा पुलिस लाइन, नवल सिंह प्रेमनगर, प्रमोद सिंह डायल 112, रवि कुमार सकरार, सत्यम मिश्रा बड़ागांव, सुरजीत सिंह पुलिस लाइन, स्वाति चौहान सीपरी बाजार, राजेंद्र कुमार टहरौली, सुशीला कुमारी बड़ागांव शामिल थे। बीमारी बताने के चलते उनके अवकाश स्वीकृत हो गए। दरोगा परीक्षा में शामिल होने के बाद इन सिपाहियों ने आमद करा दी लेकिन
गोपनीय जांच में सिपाहियों की यह ‘बीमारी’ पकड़ में आ गई।
बिना विभागीय इजाजत लिए और झूठी सूचना देकर गलत तरीके से छुट्टी लेने को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने इन सभी 23 सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए इनके खिलाफ जांच के भी आदेश जारी कर दिए। उधर, एक साथ बड़ी संख्या में इन सिपाहियों के निलंबन से पुलिस महकमे में खलबली मची है। अभी तक एक साथ इतने कर्मचारियों का निलंबन नहीं हुआ था। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति का कहना है कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छुट्टी का प्रारूप तय है। उसके मुताबिक आवेदन करना चाहिए था। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की गई।