झांसी। विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे राजनीतिक दलों के दावेदार सक्रिय हो गए हैं। बहुजन समाज पार्टी में विधानसभा चुनाव का टिकट पाने के लिए नेताआें की सक्रियता बढ़गई है। अब तक जो नाम अंदरखाने से उभरकर सामने आ रहे हैं, उनमें से तीन पूर्व विधायक और एक पूर्व मंत्री टिकट पाने के लिए सक्रिय हो गए हैं।
बसपा प्रदेश की सत्ता में काबिज होने के लिए जातिगत सम्मेलनों पर जोर दे रही है। पार्टी का मानना है कि परंपरागत वोट बैंक के साथ यदि किसी खास जाति के वोट बैंक का समर्थन मिल गया तो चुनाव जीतना आसान हो जाएगा। इसी रणनीति के तहत कार्यकर्ता काम कर रहे हैं। इसी बहाने कार्यकर्ता पार्टी हाईकमान के सामने अपनी-अपनी दावेदारी साबित करना चाह रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार झांसी, गरौठा, बबीना और मऊरानीपुर से विधायक पद की दावेदारी शुरू हो गई है। गरौठा में एक पूर्व विधायक पार्टी का टिकट पाने के लिए सक्रिय हैं। जबकि, पार्टी में पाल समाज के प्रत्याशी पर भी मंथन हो रहा है। इसी तरह मऊरानीपुर विधानसभा क्षेत्र में एक पूर्व मंत्री विधायक पद के लिए दावेदारी कर सकते हैं। बबीना विधानसभा क्षेत्र में पार्टी अधिक मंथन कर रही है। यहां पर पिछड़ी जाति के प्रत्याशी पर दांव लगाया जा सकता है। बबीना से एक पूर्व विधायक भी सक्रिय हैं। इसके अलावा नए प्रत्याशी के नाम पर भी मंथन चल रहा है। झांसी क्षेत्र में विधायक पद के लिए अधिक रस्साकसी है। सूत्रों के अनुसार एक पूर्व विधायक सक्रिय हैं। इसके अलावा पिछड़ा वर्ग से भी एक दावेदार सक्रिय हैं।
सूत्रों की मानें तो पार्टी चार में से किसी एक सीट पर ब्राह्मण उम्मीदवार उतारेगी, ताकि पूरे समाज को संदेश दिया जा सके और वोट बैंक को पार्टी के पक्ष में बदला जा सके। इसके अलावा दो सीटें पिछड़ा वर्ग के खाते में जा सकती हैं। यह भी मंथन चल रहा है कि यदि गरौठा सीट से ब्राह्मण उम्मीदवार को प्रत्याशी बनाया गया तो झांसी सीट पर बदलाव संभव है।
बदल सकते हैं राजनीतिक दल
दूसरे दलों से जुड़े कई लोग चुनाव के दौरान अपनी आस्था बदल सकते हैं। यदि टिकट पर घमासान हुआ तो दलबदल भी होगा। ऐसे में राजनीति से जुड़े कई लोग अपनी आस्था बदल सकते हैं।