झांसी। विकसित कालोनियां में रहने वाले लोग बिजली का तो भरपूर उपयोग कर रहे हैं, लेकिन बिजली विभाग के कर्मचारियों से साठगांठ कर उचित बिल नहीं भर रहे हैं। वे उपयोग से कम लोड दर्शाकर कनेक्शन लिए हुए हैं। घरों में लगे इलेक्ट्रिक मीटर ने जब यह कारस्तानी पकड़ी तो बिजली विभाग के अफसर हरकत में आ गए और 1800 उपभोक्ताओं को नोटिस भेज दिया।
पिछले दिनों ग्वालियर रोड स्थित एक कॉलोनी में चेकिंग की गई थी। चेकिंग में उजागर हुआ था कि कालोनी में रहने वाले लोग बिजली से जुड़ी सुख- सुविधाओं का पूरा उपभोग कर रहे हैं। लेकिन, लोड कम दिखाकर उचित बिल भरने से बच रहे हैं। विभाग ने अब ऐसी कालोनियों में नियमित तौर पर चेकिंग अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अधीक्षण अभियंता (नगर) राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि रिहायसी कालोनियों में रहने वाले उपभोक्ताओं द्वारा मीटर रीडर की मदद से बिल में डिमांड कम दर्शाने की शिकायतें मिल रही थीं। इस पर हुई जांच में शिकायतें सही पाई गईं।
ऐसी कॉलोनियों में लगे मीटर रीडरों से हर घर की डिमांड एकत्र की जा रही है। अभी तक 1800 उपभोक्ता ऐसे मिले, जिन्होंने कनेक्शन दो से पांच किलोवाट का ले रखा था और डिमांड इससे अधिक आ रही थी। ऐसे सभी उपभोक्ताओं को नोटिस जारी कर दिया गया है। नोटिस मिलने के बाद अगर उपभोक्ता स्वयं लोड बढ़वाने नहीं आएंगे तो उनका विभाग खुद ही अभिलेखों में लोड बढ़ा देगा।
तीन किलोवाट से कम का कनेक्शन नहीं
विद्युत विभाग रिहायसी कॉलोनियों में तीन किलोवाट से कम का कनेक्शन नहीं दे रहा है। विभाग का मानना है कि जब व्यक्ति ऊंची कीमत पर कॉलोनी में घर ले सकता है तो विद्युत संसाधनों का भी भरपूर प्रयोग करेगा। इस कारण 1400 वर्ग फीट से कम जगह में बने घर में तीन किलोवाट, 1400 वर्ग फीट से अधिक जगह में बने घर में पांच किलोवाट व 1800 वर्ग फीट से अधिक जगह में बने घर में आठ किलोवाट से कम का संयोजन नहीं दिया है। महानगर में चालीस से अधिक विकसित कॉलोनियां हैं।