झांसी। लखनऊ में बैठकर झांसी के उपभोक्ताओं व सप्लाई पर नजर रखने के लिए सीपरी बाजार सब स्टेशन पर बनने वाले कंट्रोल रूम पर ब्रेक लग गया है। उत्तर प्रदेश कारपोरेशन के अध्यक्ष ने इसे अनुपयोगी बताया है। इस कारण अब इस योजना का बजट कम करने की तैयारी की जा रही है।
महानगर में विद्युत ढांचे को दुरुस्त करने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन द्वारा आरएपीडीआरपी (बुंदेलखंड पैकेज) व स्काडा (सुपरविजन कंट्रोल एंड डाटा एक्यूसन प्रोग्राम) के अंतर्गत 237 करोड़ की धनराशि से काम किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत हंसारी पावर हाउस की क्षमता वृद्धि, दो सौ किलोमीटर एबीसी कंडक्टर तार बिछाना, शहर में चार नए सब स्टेशनों पर दस एमवीए के चार ट्रांसफार्मरों की व्यवस्था, दो सौ अन्य ट्रांसफार्मर लगाने, घर के बाहर मीटर लगाना, दस हजार नए विद्युत खंभे लगाने आदि कार्य के अलावा सीपरी बाजार सब स्टेशन पर (खालसा स्कूल के पीछे) कंट्रोल रूम स्थापित होना है।
कंट्रोल रूम बनाने का उद्देश्य झांसी में होने वाली विद्युत सप्लाई, फाल्ट व उपभोक्ताओं की निगरानी को एक जगह पर बैठकर देखना है, मगर कारपोरेशन के अध्यक्ष ने झांसी में कंट्रोल रूम को जरूरी नहीं पाया है। इस कारण अब इस योजना का बजट कम करने की तैयारी की जा रही है। संबंधित अधिकारियों का कहना है कि योजना में करीब साठ करोड़ का बजट कम किया जा रहा है।
बिल्डिंग बनकर हो गई है तैयार
सीपरी बाजार सब स्टेशन पर कंट्रोल रूम के लिए बिल्डिंग का काम लगभग पूरा हो गया है। विद्युत अधिकारियों का कहना है कि अब इस बिल्डिंग का उपयोग कार्यालय के रूप में होगा।