झांसी।
पेशी पर कचहरी ले जाए गए कैदी के भागने के मामले में आरक्षी की लापरवाही
उजागर हुई है। पाया गया है कि कैदी कचहरी परिसर से नहीं, बल्कि अपनी बहन के
घर से मौका पाकर भागा था। आरक्षी कैदी को उसकी बहन के घर गुमनावारा लिवा
ले गया था, जहां उसने हथकड़ी भी खोल दी थी।
नवाबाद थाने की पुलिस ने आरक्षी
को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं उरई रेलवे स्टेशन से भागे कैदी को ले जाने
वाले तीनों आरक्षियों का अब तक पता नहीं चल सका है। उल्लेखनीय है कि
शनिवार को जिला कारागार में आर्म्स एक्ट में निरु द्ध दतिया कोतवाली
क्षेत्र के शातिर अपराधी अंकित मिश्रा को स्पेशल जज एंटी डकैती की अदालत
में पेश किया जाना था। उसे जिला जेल से कड़ी सुरक्षा में कचहरी की हवालात
भेजा गया। वहां से उसे आरक्षी जगत पाल के साथ हथकड़ी लगाकर कोर्ट में पेशी
के लिए भेजा गया। काफी देर बाद पता चला कि कैदी अंकित हथकड़ी खोलकर भाग गया
है। इस मामले की देर रात नवाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई।
पूछताछ
में गिरफ्तार आरक्षी जगतपाल ने बताया कि वह अंकित को लेकर कोर्ट जा रहा
था। एक चाय की दुकान के पास रुककर अंकित ने हथकड़ी टाइट लगी होने की वजह से
हाथ में दर्द होने की बात कही। इस पर उसने एक हाथ से हथकड़ी खोल दी और
दूसरे हाथ में लगी रहने दी। इस बीच मौका पाकर अंकित हथकड़ी खोलकर भाग
निकला।
वहीं, अंकित की तलाश में जुटी नवाबाद थाना पुलिस जब उसकी बहन के
गुमनावारा स्थित मकान पर पहुंची तो वहां पर एक किशोरी मिली। किशोरी ने
बताया कि अंकित को लेकर सिपाही आया था। वहां पर अंकित के पिता व भाई भी
मौजूद थे। कैदी अंकित ने खाना खाने के दौरान सिपाही से हथकड़ी खोलने को
कहा, जिस पर उसने हथकड़ी खोल दी। सिपाही अपने मोबाइल फोन पर बात करने में
लग गया तभी अंकित चकमा देकर भाग निकला।
इसके बाद जब थाना पुलिस ने आसपास के
लोगों से पूछताछ की तो उन्होंने भी सिपाही के साथ अंकित के आने की बात
बताई। इस तथ्य को पुलिस ने रिकार्ड कर लिया है। इसके बाद पुलिस टीम ने
दतिया में अंकित के घर पर छापा मारा, जहां परिवार का कोई सदस्य नहीं मिला।
नवाबाद थाना प्रभारी रामभजन सिंह यादव ने बताया कि सिपाही को लापरवाही
बरतने के आरोप में रविवार को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया गया, जहां
से उसे जमानत मिल गई।
उरई से रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई
प्रतिसार
निरीक्षक लल्लन सिंह ने बताया कि उरई स्टेशन से भागे कैदी के मामले में
दर्ज कराई गई रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। रिपोर्ट आते ही तीनों सिपाहियों
को निलंबित किया जाएगा। जांच पड़ताल में यदि लापरवाही पाई गई तो जेल भी
भेजा जाएगा।