आरपीएफ अभी माताटीला के पास पटरियों पर स्लीपर रखकर ट्रेन पलटाने की साजिश का खुलासा कर नहीं सकी थी कि अराजक तत्वों ने शनिवार की रात धौर्रा रेलवे स्टेशन के पास डाउन व अप रूट की रेल पटरियां के बीच बड़े-बड़े पत्थर रखकर फिर रेलगाड़ी को पलटने की साजिश रची।
इस दौरान यहां से निकलीं राजधानी, जीटी और अंबाला आंध्रा सुपर फास्ट ट्रेनों के चालकों ने इस संबंध में स्टेशन मास्टर को सूचना दी। आरपीएफ ने मौके पर पहुंचकर मौका मुआयना किया।
शनिवार रात लगभग दो बजे धौर्रा रेलवे स्टेशन के आगे कुछ लोगों ने निजामुद्दीन से जबलपुर की ओर जाने वाली 22182 जबलपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस की चेन पुलिंग कर दी। गाड़ी रुकते ही ट्रेन से कुछ लोग उतर गए। इसके बाद अराजक तत्वों ने खंभा नंबर 1010/21 के पास अप और डाउन रूट की रेल पटरियों के स्लीपर पर बड़े- बड़े पत्थर रख दिए।
इसी दौरान वहां से भोपाल की ओर जा रही राजधानी एक्सप्रेस गुजरी। चालक को कुछ टकराने की तेज आवाज आई। लगा कि कोई तेज पटाखा चला हो। उसने स्टेशन मास्टर को सूचना दी। कुछ देर बाद ही जीटी एक्सप्रेस निकली। चालक ने भी पटरियों पर पत्थर रखे होने की जानकारी दी। इसके बाद डाउन रूट पर अंबाला-आंध्रा सुपरफास्ट एक्सप्रेस गुजरी तो चालक ने देखा कि उक्त स्थान पर करीब सात-आठ लोग खड़े हुए हैं।
स्टेशन मास्टर ने इसकी सूचना आरपीएफ व कंट्रोल झांसी को दी। इसके बाद आरपीएफ ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। पत्थरों के टुकड़े लगने से ट्रेनों के स्लीपर कोचों को हल्का नुकसान पहुंचा है।
अधिकारियों ने रविवार को घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की। स्टेशन मास्टर आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि ट्रेनों के चालकों से सूचना मिलने पर तत्काल इसके बारे में आरपीएफ और कंट्रोल झांसी को सूचना दे दी गई थी।
रेलवे झांसी, पीआरओ, मनोज कुमार सिंह रेल पटरियों पर अराजकतत्वों द्वारा पत्थरों के टुकड़े या अन्य सामान रखकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जाती है। इसके लिए रेलवे द्वारा रेल पटरियों के किनारे गांवों के लोगों को जागरुक किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि इस प्रकार की घटना की जानकारी होने पर तत्काल सूचना संबंधित रेलवे स्टाफ को दें, ताकि कोई बड़ी घटना होने से बच सके।