- एक दिन पहले की रिकार्डिंग पर सभासद पर दर्ज हुई एफआईआर
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नगर पालिका में सभासद के साथ हुई मारपीट के मामले में एक ओर रोचक तथ्य प्रकाश में आया है, यह घटना कार्यालय में होने के बाद भी नगर पालिका के कैमरों में कैद नहीं हो सकी। नगर पालिका प्रशासन अतिरिक्त कैमरा लगाने के लिए लाइन बंद करने की बात कह रहा है।
सभासद व ठेकेदार के बीच नगर पालिका कार्यालय में एक दिन पहले विवाद हुआ। जिसमें ठेकेदार ने साक्ष्य के तौर पुलिस के सामने नगर पालिका कार्यालय की सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत की। जिस पर पुलिस ने सभासद मनमोहन चाैबे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया, लेकिन जब उसी कार्यालय में दूसरे दिन दोपहर में सभासद के साथ नगर पालिका कर्मियों ने मारपीट की तो कार्यालय के कैमरे बंद थे। ऐसे में जांच अधिकारियों को साजिश व इत्तेफाक की गुत्थी सुलझाने के लिए मशक्कत करना पड़ेगी।
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सोशल मीडिया पर बना चर्चा का विषय
शहर में मारपीट के दौरान नगर पालिका के कैमरा बंद पाए गए, जिसकी जानकारी होते ही लोग सोशल मीडिया पर जमकर कमेंट्स कर रहे हैं। इसमें लोग सभासद के पक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं। वहीं कुछ लोग भ्रष्टाचार की पोल खुलते ही साजिशन मारपीट कराने का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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घटना को लेकर सुलगते सवाल
- 9 जुलाई को सभासद के साथ मारपीट होने के बाद ठेकेदार की तहरीर पर सभासद के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना।
- सभासद के साथ घटना के दो दिन गुजर जाने केे बाद भी पुलिस का मुकदमा दर्ज न करना।
- नगर पालिका परिषद कार्यालय के सीसीटीवी कैमरों का खराब होना।
- 8 जून को सभासद के द्वारा की गई शिकायत पर कोई कार्रवाई न होना।
- साथी सभासद के साथ मारपीट की घटना होने के बाद भी नपा के सभासद का मौन रहना।
नगर पालिका में एक दिन पहले सभासद व ठेकेदार में विवाद हो गया था, जिसके बाद दूसरे दिन नौ जुलाई को कार्यालय में अतिरिक्त कैमरा लगाने के चलते कैमरों को बंद किया गया था।
- दिनेश कुमार विश्वकर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद