झांसी। नगर निगम सदन की बैठक खासी हंगामेदार रही। कूड़े से बिजली बनाने का काम एक निजी एजेंसी को सौंपे जाने के प्रस्ताव पर पार्षद आमने-सामने आ गए। इसको लेकर भाजपा एवं विपक्षी पार्षदों के बीच जमकर नारेबाजी हुई। आनन-फानन में महापौर ने प्रस्ताव पारित होने की घोषणा कर दी लेकिन, विपक्षी पार्षद मानने को राजी नहीं हुए और वहीं धरने पर बैठ गए।
महापौर रामतीर्थ सिंघल की अध्यक्षता में सदन की बैठक आरंभ होने पर क्लीज ऊर्जा सिस्टम, मुंबई के प्रतिनिधि ने योजना की रुपरेखा बताई। इसी बीच विपक्षी पार्षदों ने व्यवहारिकता को लेकर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए। विपक्षी खेमे से महेश गौतम, उमेश जोशी, विकास खत्री, अरविंद, कन्हैया कपूर, अनीस मकरानी, जुगल किशोर, सिद्घार्थ अहिरवार आदि पार्षदों ने कहा पूर्व में ऐसे करार से निगम आर्थिक नुकसान भुगत चुका है, ऐसे में पहले एजेंसी के काम को मौके पर पहुंचकर देखा जाए, उसके बाद प्रस्ताव को मंजूरी दी जाए। पार्षदों ने कई मामलों में भ्रष्टचार के भी आरोप लगाए।
नगर आयुक्त मनोज कुमार ने एनजीटी की डेडलाइन का हवाला देते हुए प्रस्ताव मंजूर किए जाने की जरूरत बताई। इस पर भी विपक्षी पार्षद राजी नहीं हुए। विपक्षी पार्षदों के शोर-शराबे के बीच भाजपा पार्षद प्रस्ताव के पक्ष में लामबंद हो गए। महापौर ने भी प्रस्ताव का समर्थन करते हुए पारित किए जाने की जरूरत बताई। महापौर ने प्रस्ताव पारित होने के बाद निरीक्षण करने की व्यवस्था दी लेकिन, शोर-शराबा नहीं थमा। हंगामा थमता न देख महापौर ने प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हो जाने की घोषणा कर दी। इसके बाद हंगामा और बढ़ गया। कांग्रेस पार्षद सुलेमान मंसूरी मनमानी का आरोप लगाते हुए सदन के बीच ही धरने पर बैठ गए। तमाम विपक्षी पार्षदों ने प्रस्ताव नामंजूर करते हुए विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। बैठक को महापौर ने अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
वेस्ट टू एनर्जी प्रोजेक्ट शहर के लिए जरूरी है। इसकी मदद से डंपिंग साइट खत्म किए जा सकेंगे। नगर निगम कंपनी को कोई वित्तीय मदद नहीं करेगा। इस प्रस्ताव का विरोध करना गलत है।
रामतीर्थ सिंघल
महापौर
विपक्षी पार्षदों ने दिया अल्टीमेटम
महापौर की कार्यशैली से नाराज विपक्षी खेमे के पार्षदों ने भोज का भी बहिष्कार कर दिया और काफी देर तक सदन के भीतर ही डटे रहे। उनकी ओर से एक ज्ञापन भी तैयार किया गया जिसमें 18 पार्षदों ने हस्ताक्षर किए। इस ज्ञापन को मंडलायुक्त को सौंपने की तैयारी है। नाराज पार्षदों का कहना है पुनरीक्षित बजट पेश करने के बजाए सिर्फ एक प्रस्ताव पर चर्चा के लिए सदन की बैठक बुलाई गई। एक बैठक पर करीब तीन लाख रुपये का खर्च आता है लेकिन, महापौर को इसकी परवाह नहीं है।
सदन में फेल हुआ भाजपा का फ्लोर मैनेजमेंट
प्रस्ताव के खिलाफ अधिकांश विपक्षी पार्षद लामबंद थे लेकिन, प्रस्ताव के समर्थन में भाजपाई कुनबा बिखरा था। प्रस्ताव पारित कराने के लिए जब ध्वनिमत की बारी आई तब भी गिने-चुने भाजपा पार्षद ही खड़े हुए। शेष भाजपा पार्षद अपनी सीटों पर ही जमे रहे। भाजपाई पार्षदों की सुस्ती से भी विपक्षी पार्षदों के हौसले बुलंद रहे। आखिरी में बमुश्किल से प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हो सका।
उपस्थिति पंजिका पर गैरहाजिर पार्षद के भी हस्ताक्षर
सदन से गैरहाजिर पार्षद भरत कुमार के हस्ताक्षर भी उपस्थिति पंजिका में मिले। यह देखकर अन्य पार्षद बिफर उठे। पार्षदों ने आरोप लगाया कि प्रस्ताव के पक्ष में संख्या बढ़ाने के लिए फर्जी हस्ताक्षर बनवाए गए। पार्षदों ने इसकी जांच कराए जाने की मांग की।
महिला पार्षदों का छलका दर्द, कहा- हम कठपुतली नहीं
सदन में हो-हंगामे के बीच सभी दलों की महिला पार्षदों का दर्द छलक उठा। मतदान के लिए उनका सिर्फ पक्ष-विपक्ष में इस्तेमाल हो रहा। महिला पार्षदों ने महापौर रामतीर्थ सिंघल को सदन से बाहर निकलते समय घेर लिया और अनदेखी का आरोप लगाया। वार्ड संख्या 8 से पार्षद कांति छत्रपाल, रमा कुशवाहा, जामवती, प्रियंका साहू, इंदू वर्मा, गीता बाल्मीकि ने महापौर से दो टूक कहा कि हमें कठपुतली समझा जाता है।
कूड़े से पैदा होगी बिजली
कूड़े से बिजली पैदा करने के लिए मुंबई की कंपनी क्लीज ऊर्जा सिस्टम के जरिए प्लांट लगवाए जाने की तैयारी है। इसके जरिए नगर निगम को जमीन मुहैया कराना होगा जबकि कंपनी वहां अपने संसाधनों से प्लांट विकसित करेगी और बिजली उत्पादन समेत खाद भी बनाएगी। शुरुआत में करीब पांच मेगावाट बिजली बनाने का लक्ष्य है। शहर से रोजाना करीब 250 मैट्रिक टन सूखा-गीला कूड़ा निकलता है। इसी कूड़े को नगर निगम रोजाना कंपनी को उपलब्ध कराएगा।