झांसी। नगर निगम में उपसभापति पद को लेकर चल रही रार सामने आ गई है। उपसभापति पद का टिकट न मिलने से नाराज एक कार्यकारिणी सदस्य ने बृहस्पतिवार को कार्यकारिणी से इस्तीफा दे दिया, लेकिन पार्षद ने इस्तीफा महापौर को न देकर उनके कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर को दे दिया। इस्तीफे के बाबत पूछने पर कार्यकारिणी सदस्य ने कहा कि वे महापौर के सामने नहीं जाना चाहते। उधर, महापौर ने कोई इस्तीफा न मिलने की बात कही। नगर निगम में चल रहा इस्तीफे का यह खेल चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, विपक्ष भाजपा में चल रहीं अंतकर्लह का फायदा उठाने की फिराक में है।
नगर निगम में बुधवार को सुनील नैनवानी को उपसभापति चुन लिया गया। इसके बाद भाजपा में उपसभापति पद के लिए दावेदारी कर रहे मुकेश सोनी बंटी ने नाराजगी जाहिर की। बुधवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कार्यकारिणी से इस्तीफा देने का एलान कर दिया। इसे लेकर नगर निगम में सियासी हलचल मची रही। वहीं बृहस्पतिवार को नगर निगम में कार्यकारिणी सदस्य ने महापौर की जगह उनके कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर को इस्तीफा दे दिया। इसे लेकर निगम में चर्चा का आलम है।
नियमों के मुताबिक किसी भी सदस्य को इस्तीफा देने के लिए महापौर के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखना होता है। जिसके बाद महापौर उचित निर्णय लेते हैं। कहा जा रहा है कि इस्तीफा देने के नाम पर सियासी ड्रामा किया जा रहा है। मामले को लेकर कार्यकारिणी सदस्य से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि मैं महापौर के सामने नहीं जाना चाहता हूं। वहीं महापौर ने किसी भी तरह का पत्र और इस्तीफा मिलने से मना कर दिया है। उधर, कार्यकारिणी सदस्य की हरकत के बाद विपक्ष भी सक्रिय हो गया है।
कहीं होर्डिंग तो कारण नहीं
नाराज कार्यकारिणी सदस्य को उपसभापति पद का टिकट न मिलने को लेकर तमाम कयास लगाए जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि कार्यकारिणी सदस्य ने पिछले दिनों महानगर में हुए एक बड़े कार्यक्रम को लेकर होर्डिंग लगवाए थे। जिसपर नगर निगम के बड़े नेता का चित्र नहीं था। बताया यह भी जा रहा है कि कार्यकारिणी सदस्य ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। बाद में वे भाजपा में शामिल हुए। साथ ही लगातार संगठन में उनकी छवि विरोध की भी है। ऐसे में उनसे किनारा किया गया है। हालांकि संगठन के बड़े नेता इन विषयों को लेकर कोई बयान नहीं दे रहे हैं।